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अच्छे रिसर्च प्रोजेक्ट बनाकर बढ़ाएं विश्वविद्यालय का गौरव

2018-09-25 17:49:39 40
Sandhya Desh


ग्वालियर। कृषि अनुसंधान का कार्य विश्विद्यालय के स्तर पर निरंतर होता है मगर इसके अलावा कई गैर सरकारी राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय एजेंसियां अनुसंधान के लिए वित्तीय मदद करती हैं। कृषि वैज्ञानिक अपना प्रस्ताव इस गुणवत्ता  के साथ तैयार करें कि उन्हें अनुसंधान के लिए आवश्यक वित्तीय स्वीकृति मिल सके। अच्छे रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार करके वैज्ञानिक विश्वविद्यालय का मान बढ़ाएं।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आज विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों से आए कृषि वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए यह बात कुलपति प्रो. एस. कोटेश्वर राव ने कही। वे कृषि अनुसंधान में सफल प्रपत्रों का विकास विषय पर आयोजित कार्यशाला के उदघाटन सत्र में बोल रहे थे। कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर निदेशक अनुसंधान डॉ. बी. एस. बघेल ने बताया कि इस कार्यशाला में कृषि विश्वविद्यालय के 25 प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। इसमें उन्हें वैज्ञानिक ढंग से कृषि अनुसंधान प्रोजेक्ट को तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यशाला 27 सितंबर तक आयोजित होगी। 
कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक भारतीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी हैदराबाद के संयुक्त निदेशक डॉ. एस. के सोम ने कहा कि अच्छा अनुसंधान करने के लिए जरुरी है कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा ऐसे प्रोजेक्ट बनाए जाएं जो स्थानीय जरुरतों को पूरा करते हों। आज आवश्यकता है कि वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए सभी आवश्यक बिन्दुओं के आधार पर प्रोजेक्ट बनाएं जिससे सरकारी और गैरसरकारी संस्थानों से इन्हें वित्तीय स्वीकृति प्राप्त सके। कार्यशाला में प्रजेन्टेशन के जरिए रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार करने का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशला के आगामी सत्र अगले दो दिनों में आयोजित होंगे। इस अवसर पर निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. आर. एन. एस बनाफर, निदेशक शिक्षण डॉ. ए. के. सिंह, सह संचालक अनुसंधान डॉ. एस. एस. तोमर, लेखा नियंत्रक डॉ. अमित चटर्जी सहित कृषि वैज्ञानिक एवं शिक्षकगण आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एस. सी श्रीवास्तव ने किया। 

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