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हाथ और हाथी में गुप्त समझौता

2018-09-25 08:44:12 519
Sandhya Desh

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मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र सभी राजनीतिक पार्टियां अपने जोड़तोड़ में जुटी हुई हैं. इसी बीच कांग्रेस ने भी बसपा से गठबंधन की उम्मीद नहीं छोड़ी है. सांध्यदेश के मुताबिक बता दें कि, सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि दोनों राजनितिक दलों के बीच गठजोड़ की संभावना अभी बाक़ी है, जिसके तहत, पार्टियाँ बातचीत के बाद गुप्त समझौता कर सकती हैं.आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
प्रदेश की बहुजन समाज पार्टी ने हाल ही में विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र अपनी पहली सूची जारी की है. सांध्यदेश के मुताबिक पार्टी की सूची जारी होने के साथ ही कांग्रेस और बसपा के बीच होने वाले गठबंधन के कयासों पर विराम लग गया है. परंतु, अभी तक कांग्रेस ने बसपा से गठजोड़ की उम्मीद नहीं छोड़ी है, जिसके बाद अब सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की संभावना अभी बाकी है. आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com इसके साथ ही यह भी खबर है कि, यदि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन नहीं हो सका तो वे आपसी बातचीत कर गुप्त समझौता भी कर सकते हैं. सांध्यदेश के मुताबिक गौरतलब है कि, बसपा ने अपने प्रत्याशियों की जो पहली सूची जारी की है यह वे उतनी ही सीट हैं, जिन पर पार्टी अपने प्रत्याशी खड़ा करने की मांग कर रही थी. ऐसे में अभी भी दोनों दलों के बीच गठबंधन की संभावना बनी हुई है. आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
बताया जा रहा है कि, दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर कई दौर की बैठक भी हो चुकी हैं, लेकिन एट्रोसिटी एक्ट को लेकर हो रहे विरोध के चलते कांग्रेस ने गठबंधन में देरी की है. यही नहीं, कांग्रेस द्वारा प्रदेश में राजनीतिक सर्वे भी कराया जा रहा है कि बसपा के साथ गठबंधन से पार्टी को कितना फायदा और नुकसान होगा. सांध्यदेश के मुताबिक कांग्रेस को डर है कि जहां एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में प्रदेश में सवर्णों की नाराजगी चरम पर है, आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com वहीं इस बीच बसपा के साथ गठबंधन करने का दांव चुनाव में उलटा नहीं पड़ जाए. यही कारण है कि, दोनों दलों के बीच अभी तक गठबंधन नहीं हो पाया है, जबकि इसको लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और बसपा के आला नेताओं के बीच  दिल्ली में कई दौर की बैठक हो चुकी है. गठबंधन के इस मामले पर राजनीतिक सांध्यदेश के मुताबिक विश्लेषकों का कहना है कि, यदि बसपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर सहमति नहीं बनती है तो फिर गुप्त समझौता भी हो सकता है, जिसमें दोनों दल आपसी तालमेल से ही प्रत्याशी खड़ा करेंगे.आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com

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