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राजमाता का चित्र नहीं, यशोधरा हुई आग बबूला

2018-09-07 20:24:29 284
Sandhya Desh


मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ को लेकर आयोजित बैठक में सभी नेताओं के चित्र मंच पर होने के बाद भी पार्टी की संस्थापक राजमाता विजयाराजे सिंधिया का चित्र नहीं होने से उनकी बेटी और मप्र शासन में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया आग बबूला हो कर बैठक छोडकर चली गई। उन्होंने अपनी नाराजगी से जहां प्रदेश के संगठन मंत्री सुहास भगत को अवगत करा दिया वहीं बैठक में मौजूद पदाधिकारी यशोधरा की इस हरकत से सकते में आ गये। वहीं यशोधरा यह कहते हुए बैठक से निकल गई कि जितनी बेइज्जती सिंधिया परिवार की करना हो करो । 
अब प्रश्र उठता है कि क्या भाजपा के नेताओं ने यह सब जानबूझकर किया या फिर किसी गलती से राजमाता जी का चित्र रह गया। बताया जाता है कि इससे पूर्व भी एक बार यशोधरा इसी प्रकार से चित्र नहीं होने की वजह से नाराज होकर चली गई थीं। राजनैतिक पंडितों का कहना है कि यशोधरा को भी अपनी बहन वसुंधरा जैसे ही मुख्यमंत्री बनने के सपने आते रहते हैं। वह भी यदा कदा अपने कुछ लोगों से मुख्यमंत्री बनने की इच्छा व्यक्त की थी। क्या उनकी यह खीज इसी की परिणिति तो नहीं है। या फिर वास्तव में वह अपनी मां के चित्र नहीं होने का विरोध कर रहीं थीं। वैसे यदि उन्हें विरोध करना ही था तो उसके अन्य तरीके भी हो सकते थे , लेकिन जिस प्रकार से वह आग बबूला होकर बैठक छोडकर गई इससे तो उनकी हठधर्मिता ही सामने आई है। उन्हें अपना विरोध मंच से बैठक में मौजूद रहकर करना था। वहीं एक मंत्री ने राजमाता का चित्र नहीं होने के मामले पर कहा कि उनका स्थायी चित्र कार्यालय में लगा है। सब कुल मिलाकर राजमाता के चित्र को लेकर एससीएसटी एक्ट को लेकर पशोपेश में पडी भाजपा में एक दरार और पडती दिखाई दे रही है। वैसे यशोधरा का स्वभाव सब जानते हैं वह तुनक मिजाज मंत्री के रूप में सामने आतीं रहीं हैं। वह जरा जरा सी बात से नाराज हो जाती है और अधिकारियों तक को भला बुरा कह देती है। ऐसे में यशोधरा की नाराजी क्या पार्टी में कोई नया गुल खिलाएगी इसका इंतजार रहेगा। 
दरबारीलाल............

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