Recent Posts

ताका-झांकी

वीरों की शहादत के कर्ज को चुकाया नहीं जा सकता - पवैया

2018-08-14 20:24:27 70
Sandhya Desh

“शहीद सम्मान दिवस” पर अमर शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित
ग्वालियर । देश की रक्षा के लिए शहादत की कोई कीमत नहीं हो सकती है, पूरा देश एवं हम सभी तो केवल शहीद सपूतों की वीर माताओं, वीर नारियों एवं परिजनों के प्रति केवल कृतज्ञता ही व्यक्त कर सकते हैं। वीरों की शहादत के कर्ज को हम कभी चुका नहीं सकते हैं। हिन्दुस्तान की धरती माता की रक्षा के लिए सबसे ज्यादा रक्त ग्वालियर चंबल के सपूतों ने बहाया है, हम सभी उनके प्रति नतमस्तक हैं। उक्ताशय के विचार प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री  जयभान सिंह पवैया ने मंगलवार को प्रदेश सरकार द्वारा शौर्य दिवस के रुप में जिला स्तर पर आयोजित किए जा रहे शहीद सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में बोलते हुए व्यक्त किए।
उच्च शिक्षा मंत्री  जयभान सिंह पवैया ने कहा कि अपनी मातृभूमि की रक्षा व सम्मान के लिए प्राणों का उत्सर्ग करने वाले वीर सैनिक सपूतों के परिजनों का सम्मान करने के लिए एवं उनकी शहादत को आदरांजलि देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व प्रदेशभर में जिला स्तर पर शौर्य दिवस मनाया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने की। 
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रुप में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह, महापौर  विवेक नारायण शेजवलकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनीषा भुजवल सिंह यादव, विधायक  भारत सिंह कुशवाह, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  अभय चौधरी, साडा अध्यक्ष  राकेश जादौन, नगर निगम सभापति  राकेश माहौर, एडीजी  अफजल, संभागीय आयुक्त  बी एम शर्मा, आईजी  अंशुमान यादव, कलेक्टर  अशोक कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक  नवनीत भसीन सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बाल भवन में आयेजित सम्मान समारोह में उच्च शिक्षा एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री  जयभान सिंह पवैया ने कहा कि जिन शहीदों के बलिदान के कारण आज हम अपनी आजादी को सुरक्षित रख पा रहे हैं तथा स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, उनके परिजनों को सम्मान देना, आदर करना हम सभी का कर्तव्य है। यह शौर्य दिवस माता-पिता के लिए अभिमान दिवस है।  पवैया ने कहा कि वेतन में नौकरी तो की जा सकती है, लेकिन कोई भी वेतन प्राणों से बडा नहीं है, लेकिन हमारे भारतीय सेना के जवान सीने पर गोली खाना अपनी शान समझते हैं तथा कभी दुश्मन को पीठ नहीं दिखाते हैं।
चंबल की धरती वीर सपूतों की धरती है - श्रीमती माया सिंह
प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि हमसे और तुमसे राष्ट्र बडा होता है, जब हम मिटते हैं तो राष्ट्र खडा होता है।  श्रीमती माया सिंह ने कहा कि हमारे देश का गौरवशाली इतिहास रहा है। विश्व में सबसे ज्यादा समृद्वि वाला देश है भारत। देश में जब भी आंतरिक व बाहरी संकट आता है तो सेना के जवान ही देश की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हम चंबल क्षेत्र के निवासी हैं। यह धरती वीर सपूतों की धरती है। देशभर में सबसे अधिक जांबाज वीर सिपाही ग्वालियर चंबल की धरती पर पैदा हुए और देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
शौर्य दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में महापौर  विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले वीर शहीद सपूतों की माताएं, नारियां एवं परिवार के लोग उनकी याद में रोज बलिदान देते हैं। ऐसे सभी परिजनों को आदर देना उनका सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। इस प्रकार इतने वृहद स्तर पर कार्यक्रम करने के लिए मध्यप्रदेश की सरकार बधाई की पात्र है।
शौर्य दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक एवं देश भक्तिपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई।
60 से अधिक शहीदों के परिजनों को किया गया सम्मानित
शौर्य दिवस के अवसर पर आयोजित शहीद सैनिक सम्मान समारोह में अतिथियों द्वारा 60 से अधिक वीर शहीदों के परिजनों को शॉल श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 

Latest Updates