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शहीदों को नमन कर राष्ट्र का कर्ज उतारें - चौहान

2018-08-14 16:24:17 175
Sandhya Desh

मुख्यमंत्री ने शौर्य एवं बलिदान की धरा भिण्ड में शहीदो के परिजनो का किया सम्मान
शहीदों के माता-पिता को भी सम्मान राशि व पेंशन देने की घोषणा
ग्वालियर । मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा जिस तरह परतंत्रता की बेडियां काटने के लिए वीर सपूत हॅंसते-हॅंसते फॉंसी के फंदे पर झूल गए थे, उसी तरह आजादी के बाद देश की रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा के लिए हजारों रण-बॉंकुरो ने शहादत दी है। इन शहीदों का राष्ट्र पर कर्ज है। हम मध्यप्रदेश में ऐसी परंपरा डालेंगे, जिससे शहादत को नमन् कर और शहीदों के परिजनों व वीर नारियों का सम्मान कर इस कर्ज को कम कर सकें। श्री चौहान मंगलवार को शौर्य एवं बलिदान की धरा चंबल अंचल के भिण्ड शहर में आयोजित हुए शहीद सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा हम सबका नैतिक दायित्व हैं कि शहीदों को नमन् कर राष्ट्र का कर्ज उतारे। 
भिण्ड के निराला रंग बिहार प्रांगण में आयोजित हुए इस गरिमामयी समारोह में जिले के 119 शहीदो की वीर नारियों एवं उनके परिजनो को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने मंच से इनमें से 70 से अधिक वीर नारियों एवं शहीदो के परिजनों को शॉल श्रीफल, सम्मान-पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया। वीर भोग्या वसुंधरा का चंबल अंचल वो भू-भाग है, जहाँ के जांबाज सबसे ज्यादा शहीद हुए हैं। चंबल संभाग के भिण्ड जिले में शहीदों की संख्या सर्वाधिक है। इसीलिए मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान स्वयं भिण्ड के समारोह में शहीदों के परिजनों का सम्मान करने पहुंचे। प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों पर केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के मंत्रिगण व अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारियों  की मौजूदगी में सम्मान समारोह आयोजित हुए। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सीमा की रक्षा, आतंकवाद, नक्सलवाद आदि कार्रवाई के दौरान देश के 30 हजार जवानों ने शहादत दी है। अकेले मध्यप्रदेश में 602 शहीदों को अब तक सूचीबद्व किया जा चुका है। इनमें भिण्ड, मुरैना व ग्वालियर जिले के शहीदों की संख्या सर्वाधिक हैं। 
 
सम्मान निधि में से शहीद के माता-पिता को भी मिलेगा हिस्सा, पेंशन भी मिलेगी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर घोषणा की कि शहीदों को दी जाने वाली एक करोड़ रूपए की सम्मान निधि में से शहीद के माता-पिता को भी हिस्सा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सम्मान निधि की 60 प्रतिशत राशि शहीद के वैधानिक वारिश को और 40 प्रतिशत राशि शहीद के माता-पिता को दी जाएगी, जिससे वे सम्मानपूर्वक अपना जीवन जी सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के माता-पिता के जीवन यापन के लिए मध्यप्रदेश सरकार 5 हजार रूपए प्रति माह पेंशन भी देगी। साथ ही शहीद के वारिस को नौकरी एवं शहर में फ्लेट अथवा आवासीय प्लॉट भी सरकार द्वारा दिया जाएगा। 
संबल योजना के तहत बांटी अनुग्रह राशि
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना के तहत 08 हितग्राहियों को अनुग्रह राशि के चैक सौंपे। संबल योजना में पंजीकृत श्रमिको की मृत्यु पर 2-2 लाख रूपए उनके परिजनों को दी जाती है।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केवल शहीद का सम्मान होगा
मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने खुद का सम्मान किए जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर में शहीद सम्मान दिवस मनाया जा रहा हैं। इसलिए आज केवल शहीदों के परिजनों व वीर नारियों का सम्मान किया जाए। 
इनकी रही मौजूदगी
समारोह में सामान्य प्रशासन एवं नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लालसिंह आर्य, क्षेत्रीय सांसद डॉ भागीरथ प्रसाद, भिण्ड विधायक  नरेन्द्र सिंह कुशवाह, विधायक मेहगांव चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी, राज्य बीज निगम के उपाध्यक्ष  मुन्नासिंह भदौरिया, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष  केपी सिंह भदौरिया, पूर्व विधायक रसाल सिंह व राकेश शुक्ला,  तथा संजीव कांकर, जय सिंह कुशवाह, अवधेश सिंह कुशवाह, शैलेन्द्र बरूआ सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं राज्य के मुख्य सचिव  बसंत प्रताप सिंह, पुलिस महानिदेशक  ऋषिकुमार शुक्ला, मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण बोर्ड के निदेशक बिग्रेडियर  आरएस नौटियाल, चंबल संभाग आयुक्त  एमके अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर आशीष कुमार गुप्ता व पुलिस अधीक्षक रूडोल्फ अल्वारेस सहित अन्य संबंधित अधिकारी, शहीदो के परिजन और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। 

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