श्रीमद्भागवत कथा में सुनाया श्रीकृष्ण जन्म का वृत्तांत

2018-08-09 17:05:10 88
Sandhya Desh

ग्वालियर।इस संसार में बुराई के दो रूप होते हैं। एक असली और दूसरा नकली। असली बुराई की परखबाद में होती है। ये बातें भागवताचार्य पंडित श्री राम शास्त्री जी महाराज ने चार शहर के नाका पर बृजमोहन रामकली सेवा सदन  में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कहीं। कथा व्यास ने श्रीकृष्ण जन्म का वृत्तांत सुनाते हुए कहा कि कंस एक सामाजिक बुराई है। बुराई के हमेशा दो रूप होते हैं।एक असली और दूसरा नकली। कंस जिस समय देवकीवसुदेव का रथ हांकने लगा तो भगवान ने आकाशवाणी के जरिए देवकी व वसुदेव को सचेत किया कि जो कंस तुम्हारी दृष्टि में सुधरा हुआ दिखाई दे रहा है वह बुराई का नकली रूप है। जब वही कंस देवकी के केश पकड़ कर रथ से घसीटने लगा और मारने के लिए उठा तो यह बुराई का दूसरा स्वरूप है।आयोजक श्री बृजमोहन रामकली एव शिवहरे ने व्यास पीठ की आरती उतारी और भक्तों में प्रसाद वितरित किया। महाराज जी ने परहित सरिस धर्म नहि भाईष् प्रसंग पर कहा कि जो दूसरों को सुख देने में ही पूरा जीवन लगा देता हैए वही धरती का भगवान है।अपने बेटे.बेटियों को पालना.पोसना ही जीवन नहीं है। यह कार्य तो पशु.पक्षी भी कर लेते हैं। महाराज जी के द्वारा जो होली महोत्सव का आयोजन किया गया उसमें वास्तविक व्रज की होली का रंग भरते हुए कहा की इसी तरह ठाकुर भी आप सभी भक्तों के जीवन में सारे कष्टों को हर कर ख़ुशीयो के रंग भर दे।आज महाराज जी के द्वारा कनहैया जी की बाल लीला वमाखन चोरी लीला एवम गोवर्धन जी की लीला का वर्णन किया जाएगा 

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