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.....अनसुनी फरियाद सुनी श्रीमंत ने

2018-08-07 08:37:24 270
Sandhya Desh


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शिवपुरी वासियों के लिए विक्रम वेताल से बड़ी वेबूझ कहानी सिंध के पानी (जलावर्धन योजना) की है। एक दशक तक सिंध के नाम पर जो-जो हुआ वह इतिहास में दर्ज है आरोप-प्रत्यारोप और राजनीति ने सिंध के तंदूर को हमेशा दहकाये रखा। सिंध की असफलता का ठीकरा सभी जिम्मेदार वर्गों पर समान रूप से फूटा। सिर्फ और सिर्फ अपने कर्म फल के कारण यशोधरा राजे सिंधिया उपरोक्त में अपवाद रही। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
जी हां! सिंध पर जो भी जितनी भी सफलता मिली उसका श्रेय यशोधरा राजे सिंधिया को शिवपुरी के नागरिक समाज ने खुद व खुद आगे आकर दिया। आज भी सिंध पूरी तरह सुचारू नहीं है लेकिन कल परिणाम मूलक होगी। इस तथ्य के लिए भी सिर्फ और सिर्फ यशोधरा राजे सिंधिया ही शिवपुरी से लेकर भोपाल तक प्रयत्नशील हैं। उनकी दूरदर्शिता और भविष्योन्मुखी सोच का परिणाम यह है कि आज शिवपुरी नगर पालिका परिषद ने सर्व सम्मति से सिंध के पानी से जुड़ी निर्माण एजेंसी दोषियान को कार्य से टर्मिनेट कर दिया हैं! नगर पालिका में अघोषित नेता प्रतिपक्ष भानू दुबे के नेतृत्व में एक जुट हुए पार्षदों ने दोषियान को टर्मिनेट करने के लिए परिषद का विशेष सम्मेलन बुलवाया। जिस पर जल्द से जल्द विशेष सम्मेलन बुलाया गया और दोषियान को टर्मिनेट करने का ठहराव प्रस्ताव भी बना लिया गया। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
परिषद में चर्चा का सार यह भी है कि एक दशक तक लटकी रही सिंध और कार्य में हुए आरोपित गड़बड़ झाले के लिए जो भी जिम्मेदार है उन्हें भी कानूनन दंण्डित किया जाए। सनद रहे! ग्रीष्मकाल में 50 दिन से ऊपर पब्लिक पार्लियामेंट भी चौराहे पर धरना प्रदर्शन देकर सिर्फ इसलिए बैठी थी कि सिंध के दोषियों को सजा मिले। यह समय दोषियों पर कार्यवाही के लिए परिस्थितिजन्य तौर पर उपयुक्त नहीं था और पब्लिक पार्लियामेंट की फरियाद अनसुनी रह गई। जिसका मलाल तत्समय पब्लिक पार्लियामेंट को जरूर रहा होगा, लेकिन आज नगर पालिका परिषद ने दोशियान को टर्मिनेट करने का जो ठहराव प्रस्ताव पास किया है उससे पब्लिक पार्लियामेंट की अनसुनी फरियाद भी अंतत: पूर्णत: को प्राप्त हो गई होगी। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
इसका श्रेय भी ईमानदारी से यशोधरा राजे सिंधिया को जाता है जिन्होंने भयंकर ग्रीष्मकाल में जैसे तैसे जब जितना सिंध का पानी टैंकरों से, पानी की टंकियों और नलों से जनता तक पहुंचाया जब ग्रीष्मकाल का भयावह पेयजल संकट एक हद तक खत्म हो गया तब संभवत: उन्होंने ही दोशियान को दण्ड देने के लिए परिषद का विशेष सम्मेलन भानू दुबे के नेतृत्व में न सिर्फ बुलवाया बल्कि तत्काल दोशियान को दण्डित करने की दस्तावेजी कार्यवाही कराकर यह सिद्ध कर दिया कि शिवपुरी की जनता के साथ जो खेल खिलावट करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। अब उम्मीद हैं कि दोशियान के मायाजाल (झूंठ, बहाने, प्रपंच, सौदेवाजी)से मुक्त सिंध आने वाले समय में शिवपुरी वासियों के नलों से वे रोक टोक आकर परिणाम मूलक होगी।आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com

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