पर्यावरण बचाने के लिये सोलर एनर्जी एकमात्र विकल्प-मुख्यमंत्री

2018-07-10 18:30:44 28
Sandhya Desh

प्रदेश के पहले शासकीय रूफटॉप सोलर ऊर्जा संयत्र का शुभारंभ
भोपाल । मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सौर ऊर्जा भविष्य की नहीं, अब वर्तमान की ऊर्जा बन गई है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में पूरे देश में पहचान बनाई है। श्री चौहान आज यहां मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के भवन पर स्थापित प्रदेश के पहले 200 किलोवाट क्षमता के शासकीय रूफटॉप सोलर ऊर्जा संयत्र का शुभारंभ कर रहे थे। एक करोड़ बीस लाख रुपये लागत से स्थापित इस संयंत्र में बिजली बनना शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिये सोलर एनर्जी एकमात्र प्रभावी विकल्प है। शासकीय भवनों में सोलर पैनल से सौर ऊर्जा उत्पादन करने का काम शुरु हो गया है। सोलर ऊर्जा संयत्र की लागत तीन चार साल में ही वसूल हो जाती है। उन्होंने कहा कि रीवा में दुनिया का पहला ऐसा सोलर एनर्जी प्लांट लगाया गया है, जिसमें ऊर्जा उत्पादन की लागत दो रूपये 97 पैसे प्रति यूनिट है।
 माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष  आर.एस. मोहंती ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से आज मध्यप्रदेश सोलर ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में देश में पहले स्थान पर आ गया है। उन्होने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बच्चों को विभिन्न ऑनलाइन सुविधाएं उपलबध करवाई हैं और अब शासन की नीति का लाभ उठाते हुए सौर ऊर्जा उत्पादन में भी पहल की है ।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, नवकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री  नारायण सिंह कुशवाह, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री  दीपक जोशी, माध्यमिक शिक्षा मंडल के उपाध्यक्ष  भागीरथ कुमरावत, सदस्य  भावसार, ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष  विजेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रमुख सचिव नवकरणीय ऊर्जा  मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड मुखर्जी और आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत उपस्थित थे।

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