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बीजेपी को आई नाराज नेताओं की याद, मनाने की कवायद तेज

2018-07-08 10:13:29 308
Sandhya Desh


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2003 से लगातार मप्र में राज कर रही भाजपा अब चौथी जीत के लिए उन लोगों को मनाने में जुट गयी है, जो अलग-अलग कारणों से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। इन लोगों ने भले ही पार्टी नहीं छोड़ी हो, लेकिन पार्टी की गतिविधियों और कार्यक्रमों से दूरी जरूर बना रखी है। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
इन नेताओं में कई बुजुर्ग नेता हैं, तो कई नेता ऐसे हैं, जो दूसरे दलों को छोड़कर बीजेपी में बड़ी हसरत में आए थे, लेकिन बीजेपी ने उनका उपयोग कर उन्हें हाशिए पर ढकेल दिया। अब जब चौथी जीत के लिए कांग्रेस से तगड़ी चुनौती मिल रही है, तो बीजेपी को उन नेताओं की याद आने लगी है। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com हांलाकि एक तरह से बीजेपी ने ही इन नेताओं को हाशिए पर ढकेला था, लेकिन जब अब चुनाव में कड़ी टक्कर के चलते बीजेपी के दिग्गज नेता इन नेताओं को मनाने घर-घर जा रहे हैं। इनमें बाबूलाल गौर और कैलाश जोशी जैसे दिग्गज सहित राकेश सिंह चतुर्वेदी जैसे नेताओं के नाम भी शामिल हैं। पिछले दिनों भोपाल दौरे पर आए पार्टी के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे इसी कवायद में जुटे रहे। सरकार की तरफ से नरोत्तत मिश्रा और संगठन की तरफ से विनय सहस्त्रबुद्धे अपने दौरे के दौरान जहां पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के घर पहुंचे तो पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के घर पर पहुंचकर भी लंबी चर्चा की, इस दौरान नरोत्तम मिश्रा भी उनके साथ रहे। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
जहां तक कैलाश जोशी और बाबूलाल गौर की बात करें तो कैलाश जोशी को जहां पिछले लोकसभा चुनाव में 75 प्लस फार्मूले के कारण टिकट नहीं दिया गया था। तो बाबूलाल गौर को शिवराज मंत्रीमंडल से भी 75 प्लस फार्मूले के तहत बाहर का रास्ता दिखाया गया था। बाबूलाल गौर तो अपनी नाराजगी जताने का कोई मौका नहीं चूकते हैं, लेकिन कैलाश जोशी अपने स्वभाव के चलते शांत रहते है। बीजेपी उन लोगों को भी मनाने में जुटी है, जिन्हें वो पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के समय पर दूसरे दलों से तोड़कर लायी थी। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com इन नेताओं को तात्कालिक रणनीति के तहत पार्टी में लाया गया और उपयोग किया गया। लेकिन जब इनका काम निकल गया तो हाशिए पर धकेल दिया गया। इन नेताओं में सबसे बड़ा नाम राकेश सिंह चौधरी का है, जो भरी विधानसभा में कांग्रेस को धोखा देकर बीजेपी खेमे में शामिल हुए और बीजेपी ने उनका पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भरपूर उपयोग किया। लेकिन बाद में सीएम शिवराज सिंह और बीजेपी राकेश सिंह चौधरी को राज्यसभा भेजे जाने का वादा भूल गयी। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com

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