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सुरक्षित है अमरनाथ यात्रा, बेखौफ आएं भोले के दरबार

2018-06-26 08:48:03 212
Sandhya Desh


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बाबा अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित संपन्न करवाने के लिए सुरक्षाबलों ने रणनीति तैयार कर ली है। यात्रा मार्ग पर स्थित आधार शिविरों के अलावा 300 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मल्टी टीयर सुरक्षा बंदोबस्त रहेंगे। सुरक्षा के पहले घेरे में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सशस्त्र सीमा बल, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवान तैनात रहेंगे। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
दूसरे घेरे में राज्य पुलिस, जबकि तीसरे में सेना के जवान तैनात रहेंगे। आतंकी हमले या फिर आपदा के दौरान सेना के जवान तीसरे घेरे से निकल कर सुरक्षा के पहले घेरे की कमान संभाल लेंगे। इस वर्ष आतंकी हमले के खतरे को गंभीरता से लेते हुए अमरनाथ यात्रा के दौरान साठ हजार पुलिस, अ‌र्द्ध सैनिक बल तथा सेना के जवान तैनात होंगे। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com गत वर्ष करीब 40 हजार जवानों को तैनात किया गया था। ये जवान यात्रा के दोनों मार्गो पहलगाम और बालटाल के अलावा सभी आधार शिविरों, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तैनात होंगे। विदित हो कि समुद्र तल से 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक हिमलिंग के दर्शन के लिए हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com

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जीपीएस तकनीक तथा ड्रोन से रखी जाएगी नजर
इस वर्ष अमरनाथ यात्रियों के वाहनों पर नजर रखने के लिए उन्हें जीपीएस तकनीक से लैस किया जा रहा है। सीआरपीएफ के जवान जीपीएस तकनीक का संचालन करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग तथा आधार शिविरों पर शरारती तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन की मदद ली जाएगी।
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एनएसजी की दो दर्जन कमांडो ने डाला डेरा
अमरनाथ यात्रा के दौरान संभावित आतंकी हमले को देखते हुए केंद्र सरकार ने दो दर्जन एनएसजी कमांडो को कश्मीर में तैनात किया है। श्रीनगर शहर के अलावा दक्षिण कश्मीर में भी इन जवानों को तैनात किया गया है। सुरक्षा कारणों से इनकी लोकेशन को गुप्त रखा गया है।आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com

आपदा से भी निपटने की तैयारी पूरी
करीब तीन सौ किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरता है। इस सड़क पर हादसे होते रहते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए नेशनल डिजास्टर रिस्पांड फोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रिस्पांड फोर्स (एसडीआरएफ) के अलावा क्विक रिएक्शन टीमों (क्यूआरटी) का भी गठन किया गया जो जरूरत पड़ने पर बचाव कार्य को अंजाम देगी।आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
दुर्गम पर्वत शृंखला में स्थित बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में हिम¨लग के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की रक्षा के लिए राज्य पुलिस की माउंटेन¨रग इंस्टीट्यूट के जवान तैनात रहेंगे। प्राकृतिक आपदा या फिर ऊंचाई वाले क्षेत्र में किसी श्रद्धालु के बीमार होने पर उसे चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने का जिम्मा इनके कंधों पर होता है। यात्रा मार्ग के अधिकतर हिस्से में बर्फ के ग्लेशियर बने हैं। बर्फ पिघल पर प्राकृतिक आपदा उत्पन्न हो जाती है। श्रद्धालुओं की जान पर बन आती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालना भी जवानों की जिम्मेदारी है।आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com

यहां तैनात होंगी रेस्क्यू टीमें
पहलगाम रूट - शेषनाग 11730 फीट -महागुणास टॉप 14500 फीट - पोषपत्री 13800 फीट - बैववैल टाप 13000 फीट - पवित्र गुफा 12756 फीट बालटाल रूट - बरारी मार्ग- रेलपत्री
213 सेंट्रल आ‌र्म्ड सिक्योरिटी पर्सनल, आ‌र्म्ड तथा इंडियन रिजर्व पुलिस बल की 32 कंपनियां तैनात रहेंगे।। 
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