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कमल नहीं टिक पायेगा इन धुरंधरों के आगे

2018-06-19 09:03:20 614
Sandhya Desh


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चंबल अंचल की सीटों का चैलेंज इस बार कमल दल के लिए काफी रस्साकशी वाला बनता जा रहा है। मैदान में महाराज के आने से समीकरण बदल गये है। पंजा दल ने कार्यकारी अध्यक्ष भी मुरैना से बनाकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
कमल के सामने जहां खुद की सीटें बचाने की चुनौती है। वहीं पंजा दल की सीटें  जीतने का ख्वाब भी। पार्टी के सामने सबसे बड़ा चैलेंज इन दो कांग्रेसी दिग्गजों के गढ़ में सेंध लगाना है। परंतु इन दोनों दिग्गजों का जमीनी रिकार्ड कार्ड शत प्रतिशत है। ये पंजा छाप दिग्गज लहार वाले गोविंद सिंह और पिछोर वाले केपी सिंह हैं। केपी ने अशोक नगर उपचुनाव जीत की पटकथा लिखी थी। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com वहीं गोविंद सिंह अटेर उपचुनाव में कमल दल को धूल चटाने में चाणक्य की भूमिका दिखे। वहीं इन दोनों ही दिग्गजों की खुद की जमीन बहुत ठोस है। इसमें कमल का सेंध लगाना ना के बराबर है। इस बार तो कमल का टिकना भी मुश्किल होगा। मुकाबला जमीनी रिपोर्ट के बाद एकतरफा दिख रहा है। आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com

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