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श्रेष्ठ संस्कार ही बच्चो के भविष्य की सुरक्षा का एक मात्र साधन

2018-06-13 16:55:19 188
Sandhya Desh

ग्वालियर I प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय एवं राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन लश्कर ग्वालियर के द्वारा पिछले 5 दिनों से चल रहे बाल व्यक्तित्व विकास शिविर का समापन विधिवत समपन्न  हुआ I आज के समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर विजय गंभीर (भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांतीय अध्यक्ष), विशिष्ट अतिथि श्री गिर्राज दानी (सचिव वनवासी छात्रावास केदारपुर ग्वालियर), जगदीश शर्मा (अध्यक्ष वनवासी छात्रावास केदारपुर ग्वालियर)I
                  सर्वप्रथम अतिथियों का स्वागत अभिनन्दन बी.के. वैशाली ने तिलक लगाकर पुष्पहारों के कियाI 5 दिन से बच्चों ने जो सीखा उसका प्रदर्शन बच्चों ने किया अतिथियों के प्रश्नों का उत्तर बच्चों ने बड़े ही उत्साह और तत्परता से दिए I विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे क्विज, चित्रकला, खेल, आदि के विजयी बच्चों को अतिथियों द्वारा पुरुस्कार दिए गये I बच्चों ने अपने अनुभव भी सुनाये I जगदीश शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा की ब्रह्माकुमारी संस्थान में बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाते है आज के समय की यह बहुत बड़ी आवश्यकता है I विशिष्ट अतिथि  गिर्राज दानी ने कहा की मै समय समय पर सेंटर आता रहता हूँ ब्रह्माकुमारीज संस्था  मानव को श्रेष्ठ संस्कारों से गठने का कार्य कर रही है इससे बढकर और कोई सेवा कार्य नहीं हो सकता I मुख्य वक्ता प्रोफेसर विजय गंभीर ने कहा के बच्चे देश का  भविष्य हैं और वर्तमान समय में संस्कार ही बच्चों के भविष्य की सुरक्षा का एकमात्र साध न है मैने यहाँ देखा है की बच्चों के व्यक्तित्व का यहाँ अलग अलग तरीके से निर्माण किया जाता है I माता पिताओं को ऐसी संस्थाओं में बच्चों को जरुर भेजना चाहिए I माता पिता अभिवावकों को भी सन्देश दिया कि वे अंग्रेजी पद्धति के साथ ही भारतीय शैली की शिक्षा का ज्ञान भी अवश्य करायें अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस शिविर में बड़े ही अनूठे ढंग से बच्चों क व्यक्तित्व को गढ़ा जा रहा है सही मायने में यही संस्कार व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं I बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी “बदला नहीं लेना किसी से बदल के हमको दिखाना है”  “हम परमपिता के बच्चे हैं धरती पर स्वर्ग बनायेंगे जो काम बड़ों से हो ना सके हम बच्चे कर दिखलायेंगे” आदि जैसे गीतों से सन्देश दिया I
बी के प्रहलाद ने शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया I अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बी. के. डॉ गुरचरण ने बच्चों को आशीष वचन देते हुए पुन: संस्था में आते रहने का निमंत्रण दिया I कार्यक्रम का संचालन आशा बहिन ने किया I

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