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एलएनआईपीई में खेल गतिविधियों पर चर्चा

2018-06-10 17:48:47 142
Sandhya Desh


ग्वालियर। लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आज युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार देश के “खेल व खेल शिक्षा के एक या एक से अधिक विशिष्ट घटकों के उत्कृष्टता के विकास“ विषय पर बैठक हुई। इस बैठक के लिए पिछले माह युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, नई दिल्ली में राहुल भटनागर (खेल सचिव, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार) की अध्यक्षता में कार्यसमिति के सदस्यों समेत इसके उद्देश्यों का निर्धारण किया गया था।
संस्थान में आयोजित आज की बैठक की अध्यक्षता एलएनआईपीई के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा ने की। बैठक में सम्मिलित सदस्यों में से डाॅ. नयना निमकर (निदेशक, सिम्बायोसिस) ने खेल कार्यक्रमों पर अपनेे विचार रखें और कहा कि हमें खेल पारिस्थितिक तंत्र को विकसित करने की आवश्यक्ता हैं। डाॅ. निमकर ने कहा कि हमारे पाठ्यक्रम का खेल उद्योग के मांग के अनुसार होना आवश्यक हैं साथ ही हमे स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम को सामान्य, विशेषज्ञ व सुपर विशेषज्ञों के आधार पर तैयार करना चाहिए। डाॅ. निमकर ने एमबीए खेल प्रबंधन पाठ्यक्रम की रूपरेखा को भी सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया और कहा कि पाठ्यक्रम का लक्ष्य और उद्देश्य साफ व निश्चित होना आवश्यक हैं।डाॅ. जतिन सोनी (कुलपति एस.जी.एस.यु, गुजरात) ने भारत में खेल शिक्षा संस्थानों के संघ के गठन का माॅडल साझा किया और कहा कि देश में खेल शिक्षा के गुणवता के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सभी खेल शिक्षाविद के संयुक्त प्रयास की आवश्यक्ता हैं, इस संघ के माध्यम से सभी खेल शिक्षाविद के एक मंच पर आकर अपने नए विचारों व सुझावों से तकनीकी तौर पर खेल पारिस्थितिक तंत्र के एकमात्र उद्देश्य ”एक साथ बढ़ने को” प्राप्त कर सकेंगे। 
डाॅ. श्रीरंग अलटेकर (निदेशक सिमबायोसिस) ने पाठ्यक्रम में कोर्स मैपिंग, करिकल्म को तैयार करने में अंर्तराष्टीय विशेषज्ञों के विचारों को सम्मिलित करने पर अपने विचार रखें। प्रो. सुब्रमण्यन (कुलपति, टी.एन.पी.ई.एस.यु) ने युवा खेल शोधार्थियों, आचार्यों समेत सभी अंर्तराष्टीय अकेडमिशियनों की उनके योगदान व शोध के लिए सम्मानित करने पर जोर दिया।  संस्थान के कुलसचिव प्रो. विवेक पांडे ने शैफिल्ड विश्वविद्यालय, यु.के के अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि पाठ्यक्रम का व्यावहारिक क्रियान्वन व धरातल (ग्रासरूट लेवल) पर फोकस होना चाहिए। कुलसचिव प्रो. पांडे ने पी.पी.पी माॅडल पर जोर देते हुए कहा कि शारीरिक शिक्षा व खेल विशेषतः खेल प्रबंधन के संदर्भ में  के स्तर को ऊपर उठाने के लिए इस क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के योगदान का होना आवश्यक हैं।
संस्थान के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा ने पाठ्यक्रम के जाॅब ओरिएन्टेड होने पर जोर दिया और कहा कि सभी विश्वविद्यालयों व संस्थानों का आपस में कोर्सों व क्रार्यक्रम को साझा करना चाहिए। जिन विषयों के लिए आज कार्यसमिति का गठन किया गया हैं उन्हें साथ बैठकर आदर्श पाठ्यक्रम ढ़ाचे को बनाना चाहिए। बैठक के अन्य सदस्यों प्रो. जी.डी घई (प्रभारी विभागाध्यक्ष, खेल प्रबंधन व कोचिंग विभाग), बालकृष्ण शर्मा (निदेशक एनएएसएम), विनीत कुलकर्णी (निदेशक एनएएसएम) व प्रो. के.के साहु ने भी इस दौरान अपने मुल्यवान विचारों को साझा किया। 

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