यूपी: महागठबंधन के आगे मोदी मैजिक फेल, कैराना-नूरपुर में BJP पीछे

2018-05-31 10:57:14 203
Sandhya Desh


उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीट पर विपक्षी एकता के आगे बीजेपी पस्त होती दिख रही है.  प्रदेश की ये दोनों सीटें बीजेपी के पास थीं, लेकिन केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी की अभूतपूर्व जोड़ी के बावजूद ये सीटें पार्टी के हाथ से निकलती दिख रही हैं. आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com अगर ऐसा हुआ तो 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद ये पार्टी को लगा दूसरा बड़ा झटका होगा क्योंकि इससे पहले बीजेपी फूलपुर और गोरखपुर जैसी अहम सीट भी सपा-बसपा के संयुक्त उम्मीदवार के हाथों हारकर गंवा चुकी है. कैराना में अब तक आरएलडी की तबस्सुम हसन को 75503 वोट मिले हैं, तो वहीं बीजेपी की मृगांका सिंह को 61022 वोट मिले हैं. नूरपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी प्रत्याशी के नईम-उल-हसन आगे चल रहे हैं. नौंवे राउंड तक उन्हें करीब 7480 वोटों की बढ़त मिली हुई है. आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com

कैराना में महागठबंधन हावी
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कैराना लोकसभा सीट पर भी बीजेपी का गहरा झटका मिलता दिख रहा है. 2014 के चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर हुकुम सिंह ने यहां से करीब 3 लाख मतों से जीत हासिल की थी.  लेकिन पिछले साल उनके निधन हो जाने के चलते ये सीट रिक्त हो गई.आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
बीजेपी ने सहानुभूति के नाम पर वोट हासिल करने के लिए हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को मैदान में उतारा. जबकि आरएलडी ने तबस्सुम हसन को प्रत्याशी बनाया, जिन्हें सपा, बसपा और कांग्रेस समर्थन कर रहे थे. कैराना में एक बार फिर जाट-मुस्लिम एकजुट दिखे हैं. मुजफ्फरनगर दंगे के बाद दोनों के बीच गहरी खाई पैदा हो गई थी. इसी का नतीजा था कि आरएलडी प्रमुख चौधरी अजीत सिंह को लोकसभा और विधानसभा चुनाव में करारी मात खानी पड़ी थी. लेकिन उपचुनाव में एक बार फिर अजीत सिंह महागठबंधन में शामिल होकर अपना खोया हुआ जनाधार वापस पाने में सफल होते दिख रहे हैं. आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
बीजेपी के सारे फॉर्मूले महागठबंधन के आगे फेल होते दिख रहे हैं. जबकि 2014 लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां विपक्ष का सफाया कर दिया था. आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com


नूरपुर का किला भी दरका
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बीजेपी का मजबूत गढ़ नूरपुर दरकता दिख रहा है. सपा इस सीट पर खाता खोलती दिख रही है. सपा उम्मीदवार नईमुल हसन बीजेपी उम्मीदवार अवनि सिंह से काफी आगे चल रहे हैं. ये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए गहरा झटका साबित हो सकता है.आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
बता दें कि ये सीट बीजेपी के लोकेंद्र सिंह चौहान के एक दुर्घटना में निधन की वजह से खाली हुई थी. अवनि सिंह लोकेंद्र चौहान की पत्नी हैं, जिन्हें बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं सपा ने पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे नईमुल हसन पर एक बार फिर भरोसा किया है. आरएलडी, कांग्रेस और बसपा उन्हें समर्थन कर रही हैं.आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
नूरपुर विधानसभा सीट परिसीमन के बाद 2012 में वजूद में आई, तब से इसपर बीजेपी का कब्जा है. दोनों बार इस सीट से लोकेंद्र सिंह चौहान बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीते थे. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लोकेंद्र सिंह ने सपा के नईमुल हसन को करीब 10 हजार मतों से मात दी थी. बीजेपी को 79 हजार 172 तो सपा को 66 हजार 436 और बसपा को 45 हजार 903 वोट मिले थे.आप पढ़ रहे हैं www.sandhyadesh.com
2012 से पहले ये सीट स्योहारा विधानसभा सीट के नाम से जानी जाती थी. स्योहारा सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है. 1991 से लेकर अब तक सात बार विधानसभा चुनाव हुए. इनमें से 5 बार बीजेपी ने जीत हासिल की. जबकि 2 बार बसपा जीतने में सफल रही.
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