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बैंकर्स डिजिटल पेमेन्ट्स को प्रोत्साहित करें – प्रभारी कलेक्टर

2018-05-24 19:41:33 91
Sandhya Desh


ग्वालियर । सरकार विभिन्न स्वरोजगारमूलक योजनाओं के तहत ऋण व अनुदान वितरण कर रही है। जिससे युवा स्वरोजगार स्थापित करके अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। इसलिए बैंकों के द्वारा ऋण वितरण में किसी प्रकार की देरी न हो। बैंकर्स कैशलेस ट्रांजेक्शन अर्थात डिजिटल पेमेन्ट्स को प्रोत्साहित करें। यह बात प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा ने जिला स्तरीय बैंकर्स सलाहकार एवं समीक्षा समिति की बैठक में कही। बैठक में स्टेण्डअप इंडिया कार्यक्रम के तहत युवाओं को तत्परता से वित्त पोषण करने पर विशेष जोर दिया गया। 
गुरूवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में प्रभारी कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा स्टेण्डअप इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही है। इसलिए बैंकर्स इस कार्यक्रम की लक्ष्यपूर्ति के लिये आगे आएं। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक स्टेण्डअप इंडिया के तहत 190 युवाओं को स्वरोजगार के लिये अब तक 40 करोड़ रूपए की वित्तीय मदद दी जा चुकी है। उन्होंने बैंकों को जमा व वितरण अनुपात (सीडी रेशो) में संतुलन बनाए रखने को कहा। वर्मा ने कहा सभी विभाग बैंकों को प्रकरण भेजने से पूर्व जाँच कर लें। योजनाओं के लक्ष्य के विरूद्ध 125 प्रतिशत से अधिक प्रकरण बैंकों को भेजने के प्रयास करें।  प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि सरकार कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को लाभ प्रदान कर रही है। इस योजना का क्रियान्वयन 12 विभागों द्वारा किया जाना है। इस योजना के क्रियान्वयन में बैंक भी पूरा सहयोग प्रदान करें। बैंकर्स कृषि ऋण वितरण प्रमुखता से करें, जिससे सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों की आमदनी बढ़ सके। 
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक ए के पालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत जिन मामलों में अनुदान वापस किया गया है, उन मामलों के प्रकरण वापस नहीं किए जाएं। अधिक समय बाद प्रकरण वापस करने पर बैंकों की जवाबदेही निर्धारित होगी। इसलिए बैंकर्स ऐसे प्रकरणों की कमियां दूर कर जरूरतमंदों को वित्त पोषण करें। उन्होंने कहा कि सभी बैंक एनपीए (नॉन पर्फोर्मिंग एसेस्ट्स) की जानकारी समय पर दें। नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक संजीव रमन ने कहा किसानों की फसल दुगुनी करने के प्रयासों में बैंकर्स भी सहयोगी बनें। उन्होंने कहा नाबार्ड द्वारा डेयरी फार्मिंग, स्वसहायता समूहों को वित्त पोषण और किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। 
बैठक में लीड बैंक मैनेजर डी के जैन सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि व संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के वार्षिक प्रतिवेदन का बैठक में विमोचन किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित योजनायें जैसे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना सहित अन्य स्वरोजगारमूलक योजनाओं की समीक्षा की गई। 

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