कुपोषण निवारण के क्षेत्र में समर्पित त्रिपाठी परिवार

2018-05-24 19:26:46 153
Sandhya Desh


* आंगनबाड़ी केन्द्र को आकर्षक बनाने में दिया सहयोग 
(सहायक संचालक, मधु सोलापुरकर)
ग्वालियर । कुपोषण के निवारण के लिये मध्यप्रदेश की सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के सार्थक परिणाम भी परिलक्षित हो रहे हैं। सरकार के प्रयासों के साथ अगर समाज का भी साथ मिले तो कोई भी समस्या ज्यादा समय तक नहीं रह सकती। कुपोषण निवारण के क्षेत्र में ग्वालियर की श्रीमती संध्या राममोहन त्रिपाठी परिवार अपने विशेष प्रयासों के लिये पहचाना जाने लगा है। उन्होंने अटल बाल पालक के रूप में जहाँ एक आंगनबाड़ी केन्द्र को गोद लेकर बच्चों के कुपोषण निवारण में सराहनीय प्रयास किए, वहीं तन-मन-धन लगाकर आंगनबाड़ी केन्द्र को एक आदर्श केन्द्र के रूप में विकसित भी किया है। श्रीमती संध्या त्रिपाठी प्रति मंगलवार नियमित रूप से आंगनबाड़ी पर आकर बच्चों के साथ समय बिताती हैं और उन्हें साफ-सफाई से रहने और अच्छा भोजन करने की सीख भी प्रदान करती हैं। 
श्रीमती संध्या राममोहन त्रिपाठी द्वारा एक जुलाई 2017 को शहरी एकीकृत बाल विकास परियोजना क्र.-5 के वार्ड-55 में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र क्र.-1 व 2 को गोद लिया। इस केन्द्र में 55 बच्चे कुपोषण से पीड़ित थे। त्रिपाठी परिवार के प्रयासों से 32 बच्चे कुपोषण की श्रेणी से बाहर हुए। इसके साथ ही आंनगबाड़ी केन्द्र क्र.-2 के 17 बच्चों में से 15 बच्चों की श्रेणी में सुधार हुआ है। परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास श्रीमती अंजू कौरव बताती हैं कि संध्या राममोहन त्रिपाठी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र में कुपोषण निवारण के क्षेत्र में ही सहयोग नहीं किया गया बल्कि आंगनबाडी केन्द्र की बाउण्ड्रीवॉल निर्माण, कूलर, पंखे लगवाने के साथ ही बर्तन, अलमारी और बच्चों के लिये खिलौने भी उपलब्ध कराए। इनके इन प्रयासों से आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक बना और बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई। वर्तमान में इन दोनों केन्द्रों में लगभग 100 बच्चे नियमित आंगनबाड़ी केन्द्र में आ रहे हैं।  
अंजू कौरव का कहना है कि त्रिपाठी परिवार की इस पहल से प्रेरणा लेकर क्षेत्र के अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी कुपोषण निवारण और आंगनबाड़ी को आकर्षक बनाने के लिये अटल बाल पालक के रूप में योगदान देना प्रारंभ कर दिया है। अन्य केन्द्रों में भी कुपोषण निवारण की दिशा में सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही समाज के सहयोग से आंगनबाड़ी केन्द्रों को आकर्षण का केन्द्र बनाया जा रहा है। इस केन्द्र में तीन से छ: वर्ष के बच्चों को औपचारिक शिक्षा भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ भी पात्र हितग्राहियों को नियमित दिया जा रहा है। जिले के कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग  राजीव सिंह का कहना है कि जिले में अटल बाल पालक योजना के माध्यम से कुपोषण निवारण के लिये समाज के गणमान्य नागरिकों को जोड़कर कार्य किया जा रहा है। ग्वालियर जिले में 600 से अधिक अटल बाल पालक हैं। यह सभी अपने-अपने क्षेत्रों में कुपोषण निवारण के क्षेत्र में प्रशासन को सहयोग प्रदान कर रहे हैं। 

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