कभी बाल सखा का जमाना था, आज भाजपा में लूपलाइन पर

2018-05-16 18:55:52 567
Sandhya Desh


जमाने-जमाने की बात हैं कभी जिसके पीछे सरकार चलती थी आज वह सरकार के पीछे हैं। हम बात कर रहे हैं कांग्रेस में तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया की नाक का बाल हुआ करने वाले कांग्रेस नेता (अब भाजपा नेता) व सिंधिया के बाल सखा की। 
पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह से लेकर, मोतीलाल बोरा और दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में प्रदेश का शक्ति केन्द्र होने वाले बाल सखा की भाजपा में कोई पूछपरख नहीं है, जो कांग्रेस में हुआ करती थी। एक बार तो भोपाल में कांग्रेसी सत्ता परिवर्तन की कहानी उनके बंगले पर ही लिखी गई थी।
सामान्य वर्ग निर्धन आयोग के झुनझुने के सहारे समय पास कर रहे बाल सखा को अब अपनी स्थिति खटकने लगी है। कभी अग्रिम पंक्ति में रहने वाले बाल सखा को अब भाजपा में अंतिम पंक्ति में भी परिचय बताना पड़ता है। उनके बारे में लोग बताते हैं कि यह पूर्व लोक निर्माण व स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा मंत्री रहे हैं।
बीते रोज उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के दौरे पर भी ऐसा ही हुआ। उनके बारे में भाजपा जिलाध्यक्ष को बताना पड़ा कि यह पूर्व मंत्री रहे है। हालांकि भाजपा ने बाल सखा को केबिनेट मंत्री का दर्जा दे रखा है, लेकिन संगठन में उनकी पूछपरख न के बराबर है। जबकि बाल सखा ब्राहमण समाज के टाॅपर नेता के रूप में सदा चर्चाओं में रहे हैं।  

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