आयुर्वेद से देश ही नहीं पूरी दुनिया की सेवा संभव – केन्द्रीय मंत्री नाईक

2018-05-15 18:45:27 78
Sandhya Desh


ग्वालियर । आयुर्वेद पद्धति से देश ही नहीं पूरी दुनिया की सेवा संभव है। भारत सरकार द्वारा इसी सोच के साथ आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह बात केन्द्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीयुत श्रीपाद यस्सो नाईक ने कही। केन्द्रीय आयुष मंत्री नाईक तथा केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मंगलवार को यहाँ मांढरे की माता के समीप स्थित भारत सरकार के क्षेत्रीय आयुर्वेदीय औषधि विकास अनुसंधान संस्थान में जीव प्रजनन केन्द्र प्रयोगशाला का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। श्री तोमर ने कहा आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने अलग से आयुष मंत्रालय का गठन किया है।
कार्यक्रम में प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष बालेन्दु शुक्ल, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य डॉ. ए एस भल्ला, केन्द्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक प्रो. के एस धीमान सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। आयुष मंत्री नाईक ने कहा कि भारत सरकार ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रसार के लिए विभिन्न देशों से करार किए हैं। भारत एवं अन्य देशों के संयुक्त प्रयासों से नए-नए शोध पर काम चल रहा है। उन्होंने आयुष विभाग की विभिन्न गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। नाईक ने कहा ग्वालियर में बनने जा रहे जीव प्रजनन  केन्द्र प्रयोगशाला का लाभ ग्वालियर संभाग के विश्वविद्यालय व कॉलेजों को भी मिलेगा। केन्द्रीय मंत्री तोमर ने कहा खुशी की बात है कि ग्वालियर के क्षेत्रीय आयुर्वेदीय औषधि विकास संस्थान में प्रजनन केन्द्र प्रयोगशाला के रूप में नया आयाम जुड़ा है। उन्होंने कहा भारत सरकार देशज पद्धतियों पर गर्व करती है एवं इनको बढ़ावा देने के लिये भी प्रयासरत है। श्री तोमर ने कहा सरकार के प्रोत्साहन की बदौलत विदेशों में भी योग विधा को अपनाया गया है और संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा स्वस्थ रहकर ही हम मजबूत एवं श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। 
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा सरकार के प्रयासों से देश में आयुष का प्रचलन एवं इस चिकित्सा पद्धति के प्रति अवश्वास बढ़ा है। मध्यप्रदेश में भी एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार की चिकित्सा पद्धतियों की सुविधायें मुहैया कराई जा रही हैं। कार्यक्रम में बालेन्दु शुक्ल व डॉ. भल्ला ने भी विचार व्यक्त किए। स्वागत उदबोधन प्रो. धीमान ने दिया। आरंभ में अतिथियों ने भू‍मि पूजन एवं पट्टिका का अनावरण कर प्रजनन केन्द्र प्रयोगशाला का शिलान्यास किया। 

लगभग 4.27 करोड़ की लागत से बनेगा जीव प्रजनन केन्द्र 
जीव प्रजनन केन्द्र प्रयोगशाला का निर्माण लगभग 828 वर्गमीटर क्षेत्र में करीबन 4 करोड़ 27 लाख की लागत से किया जायेगा। केन्द्रीय आयुष मंत्री नाईक ने बताया कि इस केन्द्र का निर्माण कोरीडोर संरचना के आधार पर होगा, जो पशुओं के प्रजनन एवं उनको रखने के लिए विशिष्ट प्रकार की शैली है। इस केन्द्र में प्रजनन की व्यवस्था रहेगी। साथ ही पशुओं पर आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग करने के लिये उच्च कोटि के पशु रखने के प्रयास किए जायेंगे। इस केन्द्र का उपयोग अनुसंधान कार्य के रूप में होगा। 
 

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