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किसानों की मेहनत से कृषि में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य बना : पवैया

2018-04-16 18:31:33 147
Sandhya Desh


* जिले के 6 हजार से अधिक किसानों के खातों में 16 करोड़ रूपए से अधिक राशि पहुँचीं 
ग्वालियर । प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि किसानों को उनकी मेहनत और पसीने की पूरी कीमत मिले, इसके लिये प्रदेश सरकार प्रतिबद्धता के साथ किसानों के साथ है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित में अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम संचालित किए हैं। सरकार का साथ और किसानों की मेहनत का ही परिणाम है कि मध्यप्रदेश को पाँच बार लगातार कृषि कर्मण अवार्ड से नवाजा गया है। 
उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने यह बात ग्वालियर व्यापार मेले के फैसिलिटेशन सेंटर में “मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना” के शुभारंभ एवं जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में किसानों को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह उपस्थित थीं। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष बालेन्दु शुक्ला, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अभय चौधरी, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राकेश जादौन, विधायक भारत सिंह कुशवाह, जिला अध्यक्ष भाजपा देवेश शर्मा, ग्रामीण अध्यक्ष वीरेन्द्र जैन, किसान मोर्चे के वीरेन्द्र राणा, नगर निगम सभापति राकेश माहौर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शांतिशरण गौतम, कलेक्टर राहुल जैन, सीईओ जिला पंचायत शिवम वर्मा सहित बड़ी संख्या में जिलेभर के किसान भाई उपस्थित थे। 
उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम मिले, इसके लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज खरीदने का निर्णय लिया है। इसके साथ में किसानों को बोनस के रूप में भी 200 रूपए प्रति क्विंटल के मान से राशि देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। उन्होंने कहा कि खेती किसानी को लाभ का धंधा बनाने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। किसानों को खेती के लिए पर्याप्त बिजली मिले, यह सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि विज्ञान ने बहुत तरक्की की है, परंतु अभी भी ऐसी कोई मशीन या यंत्र नहीं बना है जो अन्न पैदा कर सके। अन्न पैदा करने का कार्य हमारे किसान भाई अपनी खून-पसीने की मेहनत से ही करते हैं। इसीलिए उन्हें अन्नदाता कहा जाता है। प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के अन्नदाताओं की हर मुसीबत में उनके साथ खड़े नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जिन किसानों ने अपनी फसल बेची है, उन्हें आज बोनस की राशि का वितरण किया जा रहा है। पूरे‍ जिले में 6 हजार 808 किसानों को 16 करोड़ रूपए से अधिक की राशि उनके खाते में पहुँचाई जा रही है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि हमारा राष्ट्र कृषि प्रधान राष्ट्र है। देश की बड़ी आबादी खेती किसानी के रोजगार से जुड़ी हुई है। किसानों की दिशा और दशा बदलने में मध्यप्रदेश सरकार ने अनुकरणीय काम किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 से पहले खेती किसानी के लिए हरियाणा और पंजाब का नाम लिया जाता था। प्रदेश के किसानों की मेहनत और प्रदेश सरकार की किसान हितकारी योजनाओं के कारण ही अब मध्यप्रदेश खेती किसानी में देश की अगुवाई कर रहा है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2003 से पहले 7 लाख हैक्टेयर सिंचित रकबा था। मध्यप्रदेश सरकार ने उसे बढ़ाकर 46 लाख हैक्टेयर कर दिया है। खेती किसानी को लाभ का धंधा बनाने के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अनेक योजनाओं का सफलता से क्रियान्वयन कर रहे हैं। प्रदेश के किसानों ने भी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रिकॉर्ड उत्पादन किया है। इसी का परिणाम है कि मध्यप्रदेश सरकार को पिछले पाँच सालों से लगातार कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त हो रहा है। 
केन्द्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार ने किसानों के हित में एहतिहासिक निर्णय लेते हुए यह तय किया है कि उत्पादन और कीमत में समानता रहे, इसके लिए समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इसके साथ ही किसानों को बोनस की राशि भी प्रदान करने का सराहनीय कार्य प्रदेश सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि को तकनीक से जोड़ने का कार्य भी प्रदेश में बेहतर तरीके से किया जा रहा है। उन्नत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के युवाओं को स्किल डवलपमेंट कार्यक्रम से जोड़कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कार्यक्रम की विशेष अतिथि माया सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए सदैव लगे रहते हैं। खेती किसानी को लाभ का धंधा बनाने और किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रदेश सरकार ने अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम चलाए हैं। इन कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम भी परिलक्षित हो रहे हैं।  

मुख्यमंत्री के संदेश का हुआ सीधा प्रसारण 
प्रदेश का मुख्य समारोह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में शाजापुर जिले में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री के उदबोधन का सीधा प्रसारण विभिन्न क्षेत्रीय चैनलों द्वारा किया गया। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आयोजित हुए कार्यक्रम में एलईडी स्क्रीन के जरिए कृषकगण मुख्यमंत्री के उदबोधन को सुना। 

कृषक समृद्धि योजना के तहत इन्हें मिली प्रोत्साहन राशि 
कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया एवं नगरीय विकास मंत्री माया सिंह द्वारा हितग्राहियों को कृषक समद्धि योजना के तहत प्रतीक स्वरूप प्रोत्साहन राशि के चैक विरित किए गए, उनमें राजताभ को एक लाख 68 हजार 100 रूपए, कैलाश कुशवाह एक लाख 70 हजार, भीकम सिंह राजपूत को एक लाख 61 हजार 100, कुलवीर सिंह को एक लाख 38 हजार 800 रूपए, कल्याण पाठक को एक लाख 41 हजार 800, राजेश मुदगल एक लाख 45 हजार 400 रूपए का चैक प्रदान किया गया। इसके साथ ही रामसिंह पुत्र रतीराम और सतेन्द्र सिंह पुत्र अमर सिंह को स्वाईल हैल्थ कार्ड प्रदान किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना के तहत 6 हितग्राहियों को केसीसी की स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। जिसमें तलवीर सिंह, नरेन्द्र शर्मा, रामवीर शर्मा, धीरज सिंह, दीवान सिंह, निरंजन सिंह शामिल हैं। 
कलेक्टर राहुल जैन ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2016 में 31 हजार 259 किसानों का बीमा किया गया। जिसमें 6 हजार 184 किसानों को एक करोड़ 52 लाख 52 हजार का फसल मुआवजा रबी 2016-17 बीमित किसान 28 हजार 835, लाभान्वित किसान एक हजार 880 को अनुमानित मुआवजा 2 करोड़ 5 लाख 14 हजार रूपए और खरीफ 2017 में बीमित किसान 22 हजार 465, लाभान्वित किसान 6 हजार 998 को 11 करोड रूपए की बीमित राशि का भुगतान किया जायेगा। इसके साथ ही रबी वर्ष 2017-18 में जिले में 18 हजार 690 किसानो का बीमा कराया गया है, जिसमें फसल कटाई प्रयोग जारी है। प्रारंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शभारंभ किया। कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन जिला परियोजना अधिकारी एसबी ओझा ने किया। 
 

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