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भक्तिरस में डूबेगी रावतपुरा धरा

2018-04-15 19:37:54 308
Sandhya Desh


* 18 से श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ संत समागम
(विनय अग्रवाल)
ग्वालियर। ग्वालियर से लगभग 100 किलोमीटर दूर भिंड जिले की तहसील लहार स्थित रावतपुरा सरकार धाम इन दिनों अलग ही अनूठे रंग में रंगा है। यहां अब तक के सबसे बड़े आयोजन श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ संत समागम की तैयारी सामाजिक कुंभ के रूप में चल रही है। पूरा एक नया नगर श्री रविशंकर महायज्ञ की अगुआई में 18 अप्रैल से 26 अप्रैल तक के इस वृहद आयोजन के लिए तैयार हो रहा है। देशभर के विभिन्न क्षेत्रों से आये विशेषज्ञ यहां अपने काम पर लगे हैं।
रावतपुरा सरकार में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ संत समागम के लिए विशेष तैयारियां जारी है। यहां 18 अप्रैल से प्रतिदिन 2 लाख से अधिक श्रद्धालु नर-नारी जुटेंगे, वहीं यहां 4 हजार काटेज का निर्माण अतिथियों के लिए किया जा रहा है। इसी प्रकार 50 हजार लोगों के लिये एक साथ भोजन के लिए पंडाल बनाया गया है। 200 काटेज वीवीआईपी अतिथियों के लिये बनाई जा रही है, जो पूरी तरह से वातानुकूलित है। संत समागम में देश के प्रख्यात संत भी जुटेंगे। वहीं संत नृत्यगोपाल दास, बाबा रामदेव, चिदानंद स्वामी के आने की स्वीकृति मिल चुकी हैं। इसके अलावा 4 राज्यों के मुख्यमंत्री, कई केन्द्रीय मंत्री, उच्च न्यायालयों के न्यायमूर्ति, भाजपा-कांग्रेस सहित कुछ अन्य दलों के वरिष्ठ नेता भी यहां डेरा जमायेंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सहित राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह के आने की स्वीकृति मिल चुकी है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा भी 18 अप्रैल को यहां पहुंच रहे हैं।

रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट के संस्कृत विद्यालय के निदेशक व आयोजन के सूत्रधार रमाकांत व्यास का कहना है कि यहां 100 से भी ज्यादा अस्थाई नगर बनाये जा रहे हैं, जिन्हें विभिन्न नाम दिये गये हैं। जहां स्वयं रविशंकर महाराज निवास करेंगे व भक्तों से मिलेंगे, वहां एक नई कुटिया पदमावती निलयम का निर्माण किया गया है। 5400 स्केवयर फिट की यह कुटिया पूरी तरह वातानुकूलित होगी।

यह आयोजन होंगे
श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ संत समागम में प्रतिदिन 18 अप्रैल से यज्ञ हवन प्रातः 6 बजे से श्रीमद भागवत अष्टोत्तर शत सस्वर पाठ, रूद्राभिषेक, प्रातः 7 बजे से अठारह पुराण पारायण, प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक रामकथा, रविनंदन शास्त्री वृंदावन द्वारा होगी। वहीं सायं 6 बजे से ललिता सहस्त्रार्चन अनुष्ठान, सायं 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम, अंर्तराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकारों द्वारा रात्रि 10 बजे से रासलीला इसके रसाचार्य डाॅ. देवकीनंदन शर्मा वृंदावन होंगे। रामलीला रात्रि 11 बजे से सुबह 5 बजे तक आयोजित होगी। वहीं भंडारा प्रतिदिन दोपहर 11 बजे से रात्रि 12 बजे तक आयोजित होगा।

प्रमुख आयोजन
श्री रावतपुरा सरकार धाम के अन्य प्रमुख आयोजन में 18 अप्रैल को गुरूवाणी भाई करतार सिंह द्वारा, कबीर गायन आभास एवं श्रेयस जोशी द्वारा, 19 अप्रैल को पदमश्री गीता चंदन द्वारा भरतनाटयम, राजस्थानी मंगवियार लोकगीत कुरले द्वारा, 20 अप्रैल को समूह नृत्य नाटिका मैत्रयी पहाड़ी, 21 अप्रैल को ममता जोशी का सूफी गायन, 12 अप्रैल को वारसी बंधु का सूफी भक्ति संगीत, 23 अप्रैल को नूरां सिस्टर्स का सूफीयाना, 24 अप्रैल को ओस्मान मीर के भजन, 25 अप्रैल को मास्टर सलीम का सूफी भक्ति संगीत, 26 अप्रैल को मामे खान के राजस्थानी लोक गीत आयोजित होंगे। 

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