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खेल फिजियोथेरेपी की नवीनतम प्रवृत्ति पर राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू

2018-03-13 19:10:58 158
Sandhya Desh


ग्वालियर। लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आज स्वास्थ शिक्षा विभाग द्वारा “खेल फिजियोथेरेपी की नवीन प्रवृत्ति” विषय पर आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला का शुभांरभ  बी.एम. शर्मा (कमिश्नर, ग्वालियर संभाग) के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समारोह के विशिष्ट अतिथि संस्थान के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा रहें। शुभारंभ समारोह में कनाडा से कार्यशाला के लिए पधारें डाॅ. अभिषेक ठाकुर (खेल फिजियोथेरेपिस्ट), एम.पी. सिंह (प्रभारी कुलसचिव), प्रो. एल.एन सरकार (विभागाध्यक्ष, स्वास्थ शिक्षा विभाग) भी अन्य प्रमुख अतिथियों में शामिल रहें। 
समारोह में संस्थान के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा ने अपने संबोधन में कहा कि मैं मुख्य अतिथि बी.एम. शर्मा का अत्यंत ही आभारी हुं कि उन्होने हमारे आमंत्रण को स्वीकार किया। मैं आपका और श्री ठाकुर का संस्थान आगमन पर अपने व संस्थान परिवार की तरफ से स्वागत व धन्यवाद करता हुं। कुलपति प्रो. डुरेहा ने सभा को बताया कि इस संस्थान ने देश को कई अच्छे खिलाड़ी दिए हैं और यह खिलाड़ी ऐसा इसलिए कर पाए क्योंकि उन्होंने या तो अपने को चोटों से बचाया या चोटों का सही उपचार किया। मुख्य अतिथि श्री बी.एम शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आप सभी छात्र भाग्यशाली हैं कि आपको देश-विदेश से आए विशेषज्ञों के द्वारा अगले सात दिनों तक खेल फिजियोथेरेपी पर ज्ञानार्जन करने का अवसर मिल रहा हैं। आप सभी इस अवसर का लाभ प्राप्त कर ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जित कर सकें यही मेरी आप सभी के लिए शुभकामानाएं हैं। आप सभी  को एक ऐतिहासिक व प्रख्यात़ शैक्षणिक संस्थान में पढ़ने अवसर मिला यह आपका सौभाग्य हैं। यह संस्थान एक मिनी इंडिया हैं जहां भारत के सभी क्षेत्रों के छात्र शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। आप सभी छात्रों एक अच्छे इंसान बने क्योंकि शिक्षा का सही अर्थ अच्छा इंसान बनने से हैं। 
समारोह में स्वागत भाषण डाॅ. बी.डी. बिंदल (आयोजन सचिव) ने सभी अतिथियों का स्वागत व कार्यशाला के उद्देश्यों का संक्षिप्त विवरण दिया। समारोह का संचालन डाॅ. नुसतरन बानों व धन्यवाद प्रस्ताव डाॅ. विश्वाकाश जैन ने दिया। समारोह के उपरांत आज कार्यशाला के पहले सत्र में डाॅ. ठाकुर ने खेलों के दौरान लगने वाली चोटों, उनके कारणों, लक्षणों एवं उपचार के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। डाॅ. ठाकुर ने प्रतिभागियों से कहा कि चोटों से बचाव अच्छा विकल्प हैं, बजाए इसके कि खिलाड़ी बार-बार चोटिल हो और रिकवरी के लिए जाए। कई अच्छे प्रतिभाशाली खिलाड़ी चोटों के कारण अपने खेल का श्रेष्ठ नहीं दे पाते अंतः इस विषय को खिलाड़ियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। डाॅ. ठाकुर ने सांयकालिन सत्र में घुटने की विभिन्न प्रकार कि चोटों, उनके कारणों व प्रबंधन के बारे में चर्चा की।

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