धनंजय जोशी के शास्त्रीय गायन ने मन मोहा

2018-02-21 17:08:49 137
Sandhya Desh


ग्वालियर। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर के संगीत संकाय द्वारा गायन विषय पर आधारित व्याख्यान सह प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नांदेड से पधारे धनंजय जोशी द्वारा शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया गया। 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ गायन प्रो. पी. एल. गोहदकर थे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. लवली शर्मा जी ने की। धनंजय जोशी ने आपने गायन का प्रारंभ राग नट भैरव से किया। राग नट भैरव में आपने एकताल में निबद्ध बडा ख्याल गूंज रही किरत तुम्हारी प्रस्तुत किया। तीनताल में निबद्ध छोटा ख्याल के बोल थे सूरज चंदा जब तक फिरे। राग नट भैरव के पश्चात् आपने राग जयजयवंती में एकताल में निबद्ध बंदिश प्रस्तुत की जिसके बोल थे चाल चले गोरी। आपने अपने गायन का समापन हिन्दी भजन इक सूर चराचर छायो से किया। आपके साथ तबला संगति मनीष करवडे, हार्माेनियम संगति विवेक जैन तथा तानपूरा संगति कु. अश्विनी तेलंग ने की।
प्रारम्भ मंे जोशी ने प्रस्तुत किये गये रागों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी दी तथा बंदिशों को मंच प्रदर्शन की दृष्टि से तैयार करने की बारीकियों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पारूल दीक्षित ने एवं आभार प्रदर्शन प्रो. रंजना टोणपे ने किया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. लवली शर्मा, प्रो. रंजना टोणपे, प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे, प्रमोद बापट साहित समस्त विभागों के प्रभारी विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, संगतकार एवं छात्र-छात्राएॅ उपस्थित थे।

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