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पशुओं में फैलने वाली नई बीमारियों के प्रति किसानों को जागृत करें : शर्मा

2018-02-13 19:07:02 98
Sandhya Desh


ग्वालियर । पशुओं में समाप्त हो चुकीं बीमारियों का दूसरे रूप में लौटना और नई बीमारियाँ पैदा होना पशु चिकित्सकों के लिये बड़ी चुनौती है। पशु वैज्ञानिक इनसे बचाव के उपाय खोजें। साथ ही पशु-पालकों को भी इन बीमारियों के प्रति जागृत करें। यह बात संभाग आयुक्त बी एम शर्मा ने पशुधन में लौट रहीं विलुप्त बीमारियों और नई पशु बीमारियों को लेकर आयोजित हुई राष्ट्रीय कार्यशाला में मौजूद वैज्ञानिकों एवं पशु चिकित्सकों से कही।
मंगलवार को यहाँ तानसेन रेसीडेंसी में आयोजित हुई इस कार्यशाला में देश के जाने-माने पशु वैज्ञानिकों एवं ग्वालियर-चंबल एवं सागर संभाग के पशु चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। संभाग आयुक्त बी एम शर्मा ने कहा कि किसानों के लिये पशु केवल धन ही नहीं होते, वे अपने भावनात्मक रूप से भी जुड़े रहते हैं। कृषकगण, पशुचिकित्सकों में भी भगवान की सूरत देखते हैं। इसलिये पशुपालन विभाग के अमले की जिम्मेदारी है कि वह अपने दायित्व का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता के साथ करें। उपलब्ध मानव संसाधन का सदुपयोग कर अधिकाधिक पशुपालकों को लाभान्वित कराने पर उन्होंने बल दिया। साथ ही कहा कि मैदानी अमला नियमित रूप से किसानों के संपर्क में रहे। उन्होंने कहा मैदानी अमला पशुओं में फैसले वाली बीमारियों को लेकर किसानों को जागृत करें और बीमारी से बचाव के उपाय भी बताए जाएँ। संभाग आयुक्त ने उम्मीद जाहिर की कि कार्यशाला में निकले निष्कर्ष पशुओं के इलाज में उपयोगी साबित होंगे। 
इमर्जिंग एण्ड रीइमर्जिंग डिसीज ऑफ लाइवस्टॉक विषय पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में एनआरसीई हिसार से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हरिशंकर सिंघा ने पशुओं में फैलने वाली ग्लाइंडर्स बीमारी के लक्षण, इससे बचाव के उपाय व उपचार की बारीकियाँ बताईं। इसी तरह एनआईव्हीईडीआई बैंगलोर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नागलिंगम ने ब्रुसिलोसिस बीमारी पर प्रकाश डाला। इनके अलावा एसएडीआईएल भोपाल के निदेशक डॉ. जयंत तपाशे एवं डॉ. सीमा भिण्डवाले ने मध्प्रदेश में पशुओं के संक्रामक रोगों के नियंत्रण की रणनीति बताई। वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना था कि पशुओं में फैलने वाली बीमारी केवल पशुओं के लिये ही नहीं ये मनुष्यों के लिये भी घातक होती हैं। इसलिये पशुओं की बीमारियों को हमेशा गंभीरता से लें। कार्यशाला के उदघाटन सत्र में स्वागत उदबोधन संयुक्त संचालक पशुपालन डॉ. रायकवार ने दिया। आभार प्रदर्शन उपसंचालक पशुपालन डॉ. ओ पी त्रिपाठी द्वारा दिया गया। 

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