Recent Posts

ताका-झांकी

स्मार्ट छड़ी मिली तो सरपट दौड़े दृष्टिबाधित नरेन्द्र

2018-02-13 19:06:05 88
Sandhya Desh


(हितेन्द्र भदौरिया)
नरेन्द्र कुमार गुप्ता दोनों आँखों से दृष्टिबाधित हैं। एक बार वो अपनी छड़ी टेकते हुए जा रहे थे। सड़क पर एक ट्रक खड़ा था। उन्होंने अपनी छड़ी आगे बढ़ाई, जो ट्रक के नीचे चली गई। वे जैसे ही आगे बढ़े ट्रक पर रखे लोहे के गार्डर उनके माथे से टकरा गए। जाहिर है उन्हें चोट लगी और खून भी निकल आया। नरेन्द्र सोचने लगे, काश दृष्टिबाधितों के लिये कोई ऐसा यंत्र हो, जिससे दृष्टिबाधितों को दूर से ही पता लग जाए कि मार्ग में कोई बाधा है। नरेन्द्र का यह सपना भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उन्हें स्मार्ट केन (आधुनिक इलेक्ट्रिक छड़ी) सौंपकर पूरा किया।
ग्वालियर शहर के बैंक कॉलोनी निवासी श्री नरेन्द्र कुमार गुप्ता, शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय दुल्लपुर में बतौर शासकीय शिक्षक पदस्थ हैं। वे बड़े जीवट के धनी हैं। अपना सारा काम खुद करते हैं। बिना किसी का सहारा लिए वे अपनी छड़ी के सहारे रोज अपनी ड्यूटी पर जाते हैं। साथ ही सारे निजी काम भी खुद कर लेते हैं। मगर इस दौड़ भाग में उन्हें कई बार मार्ग में ठोकर खाकर गिरना भी पड़ा है। वे कहते हैं कि सामान्य छड़ी से मात्र दो-तीन फीट की दूरी की आहट का हमें पता चल पाता था। मगर स्मार्ट केन मिल जाने से अब हमारी जिंदगी आसान हो गई है। नरेन्द्र बताते हैं कि स्मार्ट छड़ी का स्विच ऑन करने पर छड़ी के हत्थे पर लगे उपकरण से अल्ट्रासोनिक तरंगे निकलती हैं, जो हमें सामने आने वाली बाधा का पूर्वाभास करा देती हैं। छड़ी में लगे सेंसर के द्वारा कंपन के माध्यम से हमें यह सूचना मिल जाती है। स्मार्ट छड़ी का दायरा 18 मीटर से लेकर तीन मीटर तक रहता है। एक बार चार्ज करने पर यह दिनभर काम करती है। इसकी यह भी खासियत है कि इसे फोल्ड कर छोटे से थैले में रखा जा सकता है। 
सरकार की मंशा के अनुरूप हर जरूरतमंद दिव्यांग को मदद पहुँचाने के लक्ष्य को लेकर ग्वालियर जिले में दिव्यांग मित्र अभियान चला। अभियान के तहत जिले भर में जगह-जगह जिला प्रशासन द्वारा भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की हरियाणा शाखा और एलिम्को (कृत्रिम अंग निर्माण निगम) के सहयोग से दिव्यांगजन व वृद्धजन परीक्षण शिविर लगाए गए। एक शिविर में नरेन्द्र भी पहुँच गए और एलिम्को की टीम ने उन्हें स्मार्ट केन देने के लिये चिन्हित कर लिया। दिव्यांग मित्र अभियान के तहत जीवाजी विश्वविद्यालय के खेल मैदान पर राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में जब दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों की सहायतार्थ नि:शुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर लगा तो नरेन्द्र को यह स्मार्ट केन सौंपी गई। 
राष्ट्रपति एवं मध्यप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर व थावरचंद गेहलोत तथा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में नरेन्द्र को जब यह स्मार्ट केन मिली तो उनके चेहरे पर आए खुशी के भाव देखते ही बन रहे थे। स्मार्ट केन के सहारे जब मंच की सीढ़ियों से आसानी से उतरकर तेज चाल में नीचे आए तो वे कहने लगे कि यह स्मार्ट केन तो हमारे लिये स्मार्ट आँखें बन गई हैं। 

Latest Updates