मानव हित को ध्यान में रखकर पढ़ाई करें : आनंदीबेन

2018-02-12 19:28:28 104
Sandhya Desh


* राज्यपाल ने आईटीएम ग्लोबल स्कूल के कबीर प्रखंड का किया लोकार्पण 
ग्वालियर । केवल अच्छा जीवन व नौकरी के लिये ही पढ़ाई न करें, अपितु मानव हित को ध्यान में रखकर शिक्षा ग्रहण करें। मन में सदैव यह भाव रहे कि हम गाँव, प्रदेश, देश और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिये क्या बेहतर कर सकते हैं। यह आहवान मध्यप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने किया।
श्रीमती आनंदीबेन सोमवार को यहाँ आईटीएम ग्लोबल स्कूल परिसर में नवनिर्मित कबीर प्रखण्ड के लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद बच्चों व शिक्षकों को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में भारतीय थल सेना के पूर्व अध्यक्ष जनरल दिलबाग सिंह सुहाग विशेष रूप से मौजूद थे। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन ने विद्यालय प्रबंधन एवं आईटीएम यूनिवर्सिटी के शिक्षकों का आहवान किया कि बच्चों को ऐसी शिक्षा दें, जिससे वे शुरूआत से ही राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत हों। उन्होंने कहा बच्चों की सोच में बदलाव लाकर ही हम आतंकवाद व नक्सलवाद जैसी समाज विरोधी गतिविधियों से निजात पा सकते हैं। बच्चों को बताएँ कि विविधता में एकता हमारी संस्कृति है। इसलिये स्कूलों व आंगनबाड़ियों के बच्चों में ऐसे भाव भरें कि उनके मन में अशांति और भेदभाव न पनपे। प्रधानमंत्री का “एक भारत – श्रेष्ठ भारत” का सपना भी तभी पूरा होगा। 
श्रीमती आनंदीबेन ने शिक्षण संस्थानों व बच्चों से सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का आहवान करते हुए कहा कि आप सब मात्र 12 रूपए में प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना के तहत जरूरतमंदों का 2 लाख रूपए का बीमा करा सकते हैं। एक दिन में हम जितनी आईसक्रीम खाते हैं, उससे बहुत कम पैसे में हम यह बीमा करा सकते हैं। 

विश्वविद्यालय गाँव के स्कूलों को गोद लें 
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने इस अवसर पर आहवान किया कि विश्वविद्यालय व महाविद्यालय एवं प्रतिष्ठित निजी स्कूल अपने समीप के सरकारी स्कूलों को गोद लें। विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि वे गाँव में जाकर ग्रामीणों की बेहतरी के लिये कुछ काम करें। उन्होंने कहा हम अपने देश को तभी ऊँचाईयों तक ले जा पायेंगे, जब अपनी संस्था में सीखे ज्ञान एवं रचनात्मकता से गाँव के बच्चों को भी पारंगत करेंगे। उन्होंने कहा ग्रामीण स्कूलों को बेहतर बनाने के साथ-साथ ग्रामीणों को शौचालयों के उपयोग तथा अन्य रचनात्मक कार्यों के लिये भी प्रेरित करें। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन ने कहा कि वे स्वयं भोपाल में एक स्कूल व आंगनबाड़ी केन्द्र गोद लेने जा रही हैं। 

राज्यपाल को याद आया अपना शिक्षक जीवन 
आईटीएम ग्लोबल स्कूल में पहुँचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को अपना शिक्षक जीवन याद आ गया। उन्होंने कहा लगभग 30 वर्षों तक मेरा जीवन शिक्षक के रूप में सुबह से शाम तक बच्चों से बतियाते और उन्हें पढ़ाते गुजरा। उन्होंने कहा शैक्षणिक दायित्वों के बेहतर निर्वहन के लिये उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार सहित अन्य पुरस्कार भी मिले। राज्यपाल ने आईटीएम ग्लोबल स्कूल में बच्चों के सर्वांगीर्ण विकास को ध्यान में रखकर दी जा रही शिक्षा की सराहना की। साथ ही बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृकतिक प्रस्तुतियों और स्कूल के बच्चों द्वारा किए गए बेहतर संचालन को भी सराहा। 

पुश नहीं पुल मॉडल पर आधारित हों स्कूल : दिलबाग सिंह 
पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल दिलबाग सिंह सुहाग ने इस अवसर पर कहा कि स्कूलों में बच्चों के लिये ऐसा माहौल विकसित करें, जिससे बच्चों को स्कूल में जबरन पहुँचाने की जरूरत न पड़े, बल्कि बच्चे स्वत: ही स्कूल जाने के लिये लालायित रहें। अर्थात स्कूल पुश मॉडल पर नहीं पुल मॉडल पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने आईटीएम ग्लोबल स्कूल के एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग कंसेप्ट को सराहा। 

आईटीएम लेगा अडूपुरा स्कूल को गोद 
आईटीएम यूनिवर्सिटी के चांसलर रमाशंकर सिंह ने राज्यपाल को भरोसा दिलायाकि वे स्वयं अडूपुरा गाँव के स्कूल को गोद लेंगे और इसी साल उस स्कूल में परिवर्तन दिखाई देगा। उन्होंने कहा अडूपुरा के स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के अलावा वहाँ के बच्चों के व्यक्तित्व विकास में परिवर्तन के लिये भी कारगर प्रयत्न किए जायेंगे। उन्होंने राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन को न्यौता दिया कि अगले साल 21 नवम्बर को वो अपना जन्मदिन मनाने अडूपुरा आएँ। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उन्हें अडूपुरा के स्कूल की कायापलट देखने को मिलेगी। 
आरंभ में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन एवं अन्य अतिथियों ने फीता काटकर आईटीएम ग्लोबल स्कूल के कबीर प्रखंड का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने आईटीएम ग्लोबल स्कूल एवं आईटीएम यूनिवर्सिटी के बच्चों द्वारा किए गए नवाचारों को भी देखा। कार्यक्रम में आईटीएम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. के के द्विवेदी, आईटीएम ग्लोबल स्कूल की चेयरपर्सन श्रीमती रूचि सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर दौलत सिंह चौहान व आईटीएम ग्लोबल स्कूल के प्रिंसिपल अजय लाल मंचासीन थे। 
 

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