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अडूपुरावासियों से राज्यपाल ने किया आग्रह बेटियों की पढ़ाई अधूरी न रहे

2018-02-12 19:21:09 151
Sandhya Desh


* राज्यपाल ने किया स्कूल व आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण 
ग्वालियर । मैं आप सबसे निवेदन करने आई हूँ कि अपनी बेटियों को आठवीं कक्षा के बाद घर न बिठाएँ, उनका दाखिला अगली कक्षा में जरूर कराएँ। बेटियाँ पढ़ाई में बेटों से बिल्कुल भी कमतर नहीं हैं। यह आग्रह मध्यप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने ग्राम अडूपुरा के निवासियों से किया। उन्होंने कहा गाँव की माध्यमिक शाला में आठवीं में पढ़ रहीं सभी बेटियों का प्रवेश नौवीं कक्षा में जरूर करायें। बेटियाँ पढ़-लिखकर गाँव, समाज व देश का नाम रोशन करेंगीं। 
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन सोमवार को ग्वालियर जिले के ग्राम अड़ूपुरा की शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला तथा आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण करने पहुँचीं थीं। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र की किशोरी बालिकाओं से पढ़ाई के बारे में चर्चा की। तब उन्हें पता चला कि आगे पढ़ाई की इच्छा होने के बाबजूद उनके अभिभावकों ने दूसरे गाँव में स्थित हाईस्कूल में दाखिला नहीं कराया है। स्कूलों व आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करने के बाद राज्यपाल विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में जमा ग्रामीणजनों से चर्चा करने पहुँच गईं। 
ग्रामीणों को बालिका शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सरकार द्वारा दूसरे गाँव में पढ़ने जाने वाली बालिकाओं को नि:शुल्क साइकिल दी जाती है। साथ ही पाठ्यपुस्तकें व छात्रवृत्ति इत्यादि की सुविधा भी सरकार दे रही है। इस सबके बाबजूद यदि बेटियाँ पढ़ने से वंचित रह जाएँ तो यह समाज पर कलंक है। श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि मैं 15 किलोमीटर दूर स्थित हाईस्कूल में अपने पिता की मदद से प्रतिदिन पढ़ने जाती थी। आपके गाँव से तो मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर ग्राम रौरा में शासकीय हाईस्कूल संचालित है। जहाँ गाँव की सभी बालिकायें एक साथ साइकिल से पढ़ने जा सकती हैं। जरूरत होने पर गाँव के लोग भी बारी-बारी से बालिकाओं को स्कूल तक छोड़ने और लेने जा सकते हैं। 
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन ने अडूपुरा के शासकीय प्राथमिक शाला व माध्यमिक शाला की विभिन्न कक्षाओं में जाकर बच्चों से पढ़ाई के बारे में बात की। साथ ही शिक्षकों से भी पढ़ाई को लेकर चर्चा की। उन्होंने प्राथमिक शाला के बच्चों को टॉफियाँ भी बाँटीं। कलेक्टर राहुल जैन ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि आठवीं में पढ़ रहीं गाँव की सभी बेटियों को अगले शिक्षण सत्र में नौवीं कक्षा में जरूर प्रवेश दिलाया जायेगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष, संयुक्त संचालक महिला-बाल विकास एच के शर्मा एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला-बाल विकास राजीव सिंह व जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उनके साथ थे। 

राज्यपाल आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र पहुँचीं 

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अडूपुरा में संचालित आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र भी पहुँचीं। उन्होंने इस केन्द्र में दर्ज बच्चों, किशोरी बालिकाओं व धात्री माताओं से चर्चा की। उन्होंने कम वजन के बच्चे की माता श्रीमती अनीता, एक लाड़ली लक्ष्मी की माँ श्रीमती रानी व नौवीं कक्षा में पढ़ रही बालिका अंजलि से चर्चा कर पोषण आहार के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि आंगनबाड़ी में नाश्ता और भोजन के अलावा अति कम वजन वाले बच्चों को अतिरिक्त  रूप से थर्ड मील (विशेष भोजन) दिया जाता है। राज्यपाल ने आंगनबाड़ी की व्यवस्थाओं पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने इस अवसर पर 12 दिवसीय स्नेह शिविर का शुभारंभ भी किया। इस आंगनबाड़ी केन्द्र को एक सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती संध्या त्रिपाठी ने अटल बाल पालक बनकर गोद लिया है। उन्होंने आंगनबाड़ी को सजाने-संवारने व एम्फी थियेटर (मुक्त आकाश मंच) बनाने के लिये 50 हजार रूपए का सहयोग दिया है। 

कुरीतियों से लड़ने के लिये महिलायें अपनी समिति बनाएँ 
आंगनबाड़ी केन्द्र में चर्चा के दौरान कुछ महिलाओं ने राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से शिकायत की कि गाँव में कुछ लोग नशा करते हैं, जिससे माहौल ठीक नहीं रहता है। ऐसे परिवारों की महिलाओं को खासतौर पर परेशानी उठानी पड़ती है। राज्यपाल आनंदीबेन ने महिलाओं से कहा कि नशामुक्ति एवं अन्य कुरीतियों के खिलाफ केवल शासन व प्रशासन के प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, इसके लिये समाज को भी उठ खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि कुरीतियों के खात्मे के लिये महिलायें अपनी एक समिति बनाएँ और सामूहिक रूप से नशा व अन्य कुरीतियों का विरोध करें, इसमें प्रबुद्ध पुरूष वर्ग का भी उन्हें जरूर सहयोग मिलेगा। 

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