मध्यप्रदेश में ब्यूरोक्रेसी हावी, यह चिंताजनक : अनूप

2018-02-10 09:47:17 463
Sandhya Desh


(साभार: विनय अग्रवाल - नवभारत)
ग्वालियर। मध्यप्रदेश में ब्यूरोक्रेसी बुरी तरह हावी है, मुख्यमंत्री भी यह बात जानते हैं, और वह प्रदेश की जनता की भलाई के लिए काफी कुछ करना भी चाहते हैं, लेकिन यह ब्यूरोक्रेसी उन्हें भी अनसुना कर देती है। इसी कारण वह स्वयं बीते दिनों कह भी चुके हैं कि ब्यूरोक्रेसी लापरवाही करेगी तो उल्टा टांग देंगे। ब्यूरोक्रेसी बनाम कार्यपालिका का विधायिका के ऊपर हावी होना चिंताजनक है। इस पर जनहितैषी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी को तुरंत ही ध्यान देना चाहिए। उक्त बात मुरैना-श्योपुर क्षेत्र के सांसद पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा ने सवालों के जबाब में कही। 
बीते दिवस अपने निवास पर विस्तृत चर्चा में सांसद अनूप मिश्रा ने विधायिका के लोगों का दर्द बयां किया। उन्होने कहा कि विधायिका यानी पंच, सरपंच, पार्षद, जिला पंचायत सदस्य, विधायक , सांसद पर ही कार्यपालिका हावी हो जाए तो क्या होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की योजनाएं अच्छी हैं लेकिन कार्यपालिका उनको जमीनी स्तर पर अमल होने नहीं देना चाहती। जाने क्यों कार्यपालिका से जुडे लोग ऐसा कर रहे हैं यह सरकार को देखना चाहिए। 
भाजपा कार्यकर्ताओं में बढ रही हताशा पर सांसद अनूप मिश्रा का कहना था कि प्रदेश में आम कार्यकर्ताओं को लगना चाहिए कि सरकार भाजपा की है , लेकिन कार्यकर्ताओं को कार्यपालिका पूंछ भी नहीं हो रही है, और यदि विधायिका से जुडे लोग इस पर बात भी करें तो कार्यपालिका नाराज हो जाती है, जिसका खामियाजा विधायिका के लोगों को क्षेत्र में भुगतना पड़ता है। सांसद मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान दिल के साफ व्यक्ति हैं वह प्रदेश में काफी कुछ करना चाहते हैं, लेकिन कार्यपालिका उनको भी अनसुना कर देती है। जैसे कुपोषण मिटाने की योजना मुख्यमंत्री जी ने बेहतर प्रस्तुत कीहै। उन्होंने कुपोषण के खिलाफ शंखनाद भी किया है, लेकिन कार्यपालिका से जुडे अधिकारी समाज के अंतिम व्यक्ति और जरूरत मंद तक यह योजना पहुंचा ही नहीं पा रहे हैं। 
मिश्रा ने फिर कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा साफ है, वह पैसा भी भोपाल से भेज रहे हैं, लेकिन योजनाएं फाइलों में ही उलझकर दब गई हैं। इसी कारण से कार्यकर्ताओं को भी लगता है कि हमारी सुनवाई नहीं हो रही है। जिससे उनकी नाराजगी बढती जा रही है। इसका खामियाजा हम सबको भुगतना पडता है। मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली , सड़क, पानी के क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अगुवाई में व्यापक काम हुआ है, लेकिन मूलभूत समस्याएं अधिकारी वर्ग ने फाइलों में ही उलझा रखी हैं। तमाम नियम, कायदे लगाना ब्यूरोक्रेसी फाइलों में ही सरकार का समय निकाले दे रहे हैं। 
भाजपा सांसद अनूप मिश्रा ने कहा कि कार्यपालिका की तमाम पेचीदगियों के बाद भी राज्य में पुनरू भाजपा की सरकार बनेगी, यह मेरा दावा है, लेकिन सीटें कुछ कम ज्यादा हो सकती हैं। काफी कुछ केंडीडेट चयन पर भी निर्भर होगा। इस बार भी कांग्रेस की नेतृत्व विहिनता का लाभ भी भाजपा को मिलेगा।  विधानसभा चुनाव लडने की खबरों के बीच सांसद अनूप मिश्रा का कहना था कि वह पार्टी के सिपाही हैं, जो भी आदेश होगा उस पर अमल करेंगे। चुनावी तैयारियों पर अनूप मिश्रा ने हंसकर कहा कि उनकी तैयारी तो हर रोज रहती है। वह हमेशा कार्यकर्ताओं व जनता के बीच ही रहते हैं, घर पर नहीं, और कभी भी कार्यकर्ताओं से मुंह नहीं छिपाया। 
अपनी तेज तर्रार शैली के कारण हमेशा सुर्खियों में रहने वाले सांसद अनूप मिश्रा मध्यप्रदेश में कार्यपालिका के हावी होने से चिंतित हैं। उन्हें कार्यपालिका से काम लेना आता है, वह राज्य में 4थी बात भाजपा सरकार बनने का सपना भी देख रहे हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं की बातें टाले जाने के रवैये को चिंताजनक भी मानते हैं। मुरैना श्योपुर संसदीय क्षेत्र में उन्होंने अपने संसदीय कार्यकाल मेें नेरोगेज ब्राडगेज परिवर्तन में भूमि अधिग्रहण में ४७५ करोड रूपये , मुरैनाम में फ्लाईओवर , चंबल से पानी लाना, सीवर प्रोजेक्ट, उसेदघाट ब्रिज, सबलगढ करौली ब्रिज, चंबल पेयजल योजना के अलावा मुरैना में पर्यटन विभाग के लिए काफी कुछ काम किया है।   

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