कार्यशाला में दी एक्वा वर्कआउट ट्रेनिंग

2018-02-09 19:02:32 107
Sandhya Desh


ग्वालियर। लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान के खेल प्रबंधन व कोचिंग विभाग द्वारा पोषण, व्यायाम व वजन प्रबंधन पर आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में आज प्रतिभागियों को प्रातःकालीन सत्र में डाॅ. रोहित बहुगुणा ने वजन कम करने हेतू योजनाओं पर व्याख्यान और सांयकालीन सत्र में सुश्री स्वेता शर्मा ने प्रतिभागियों को एक्वा वर्कआउट ट्रेनिंग का प्रशिक्षण दिया। 
डाॅ बहुगुणा ने प्रतिभागियों को बताया कि वजन कम करने को लेकर हमारे समाज में कई भ्रांति हैं जैसे कई लोग यह समझते हैं कि भोजन छोड़ने से वह वजन कम करने में सफल होंगे पर यह गलत धारणा हैं क्योंकि साधारणतः प्रत्येक व्यक्ति को प्रत्येक दिन अपने दिनचर्या को पूर्ण करने के लिए 2000-2500 कैलोरी की आवश्यक्ता होती हैं। यह मात्रा नहीं मिलने पर व्यक्ति स्वयं को अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुंचाता हैं। हमारे समाज में कई ऐसे लोग भी जिन्होने वजन कम कराने का व्यापार खोल रखा हैं यह लोग एक माह में 10 किलो तक वजन कम करने का नकरात्मक प्रचार कर रहे हैं नकरात्मक इसलिए क्योंकि वजन कम करने के अंर्तराष्ट्रीय पैमाने के अनुसार एक माह में 3-4 किलो वजन घटाना एक आदर्श पैमाना हैं। इसकी ज्यादा मात्रा आपको कई शारीरिक समस्याओं से परेशान कर सकती हैं। वजन घटाने का सही अर्थ यह हैं कि आप नकरात्मक कैलोरी संतुलन को अपनाएं इसके अनुसार यदि आप 2500 कैलोरी ले रहे थे तो उसे 500 से कम कर दे और जितनी कैलोरी ले रहे हैं उससे ज्यादा उसका प्रयोग अपने दैनिक कार्यों में कर लें। इससे आप प्रत्येक दिन अपने वजन में थोड़ी- थोड़ी गिरावट लाएंगे और एक माह में आपका वजन 3-4 किलो कम हो जाएगा।
प्रोटिन के बारे में भी लोगों में भ्रम हैं कि प्रोटिन केवल मसल्स बनाने में सहायता करता हंैं परंतु ऐसा नही हैं प्रोटिन आपको वजन कम करने में भी सहायता करता हंैं।  डाॅ. बहुगुणा ने प्रतिभागियों को बताया कि वेट ट्रेनिंग करते समय आपका कैलोरी बर्न नहीं होता अर्थात वजन कम नही होता परंतु इसके उपरांत इ.पी.ओ.सी प्रक्रिया अर्थात एक्सेस पोस्ट एक्सरसाइज आॅक्सीजन कंजम्पशन के द्वारा आपकी कैलोरी बर्न होती हैं और आपका वजन कम होता हैं। वजन कम करने के लिए आॅक्सीजन का होना आवश्यक हैं इसलिए एरोबिक एक्सरसाइज वजन कम करने में ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। अपने विचारों को तथ्यपूर्ण रखने हेतू डाॅ. बहुगुणा ने बताया कि ए.सी.एस.एम अर्थात अमेरिकन काॅलेज आॅफ स्पोट्र्स मेडिसीन के अनुसार वजन कम करने हेतू हमें किसी भी व्यायाम को कम से कम 3 मिनट तक लगातार करना चाहिए। वेट टेªनिंग में आप देखें तो ऐसा नहीं होता आप किसी भी एक्सरसाइज को आदर्श तौर पर एक मिनट में पूर्ण कर कम से कम 10 सेकेंड का ब्रेक ले लेते हैं। इसलिए वेट ट्रेनिंग के समय हम वजन कम नही कर पाते। डाॅ. बहुगुणा ने आगे प्रतिभागियों को यह बताया कि एबडोमिनल के फैट हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार हैं और क्योंकि पुरूषों को एबडोमिनल पर ज्यादा फैट एकत्रित होते हैं इसलिए पुरूष हार्ट अटैक के शिकार अधिक होते हैं। 
डाॅ. बहुगुणा ने अपने व्याख्यान के अंत में एच.आई.आई.टी अर्थात हाई इंटेसिटी इंटरवल टेªनिंग के बारे में प्रतिभागियों को सै˜ान्तिक व व्यवहारिक ज्ञान दिया। सांयकालीन सत्र में सुश्री स्वेता प्रतिभागियों को एक्वा वर्कआउट के फायदों के बारे में बताते हुए कहा कि यह खिलाड़ियों को स्टेमिना, पाॅवर बढ़ाने के साथ ही रिकवरी में भी सहायक हैं। इस ट्रेनिंग के माध्यम से आप पानी के अंदर ही बारबल, डम्बल प्रेस, लंजेस जैसे कई एक्सरसाइज मनोरंजन के साथ कर सकते हैं। सांयकालीन इस ट्रेनिंग के माध्यम से प्रतिभागियों ने वार्म अप, हाई नी साइडवेज मार्च, कैरिओका, साइडवेज ब्राड शफल, ब्रेक योर वेक, रोटेशनल वेक, स्प्लिट-स्टेंस फ्लाई व कुलिंग डाउन इत्यादि व्यायामों के बारे में जाना।

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