बेटियां अब बोझ नहीं हैं वह बेटों के बराबर हैं

2018-02-03 17:54:22 98
Sandhya Desh


ग्वालियर। नाटक के माध्यम से बच्चों ने संदेश दिया कि बेटियां अब बोझ नहीं हैं और वह बेटों के बराबर हैं। इसलिए बेटियों को अब कमजोर न समझा जाए वे हर क्षेत्र में तरक्की कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने लोगों को समाज में बेटी का महत्व समझाया। कहा कि बेटियों को समाज में पूरा सम्मान मिलना चाहिए। कहा नारी के बिना सृष्टि की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। बच्चों ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर लघु नाट्क की शानदार प्रस्तुति दी तो उक्त सभागार में तालियों के साथ माहौल खुशहाल हुआ। 
यह मौका था थिंक एंड सपोर्ट फाउंडेशन द्वारा एम.एल.बी. काॅलेज इंडोर स्टेडियम में आओ मनाएं। भारतीय नववर्ष का तृतीय वर्ष के तहत शनिवार को फैंसी डेस एवं भारतीय नाट्क आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के.आर.जी. काॅलेज की जन भागीदारी अध्यक्ष श्रीमती हेमलता बुदोलिया थी। विशिष्ट अतिथि के.आर.जी काॅलेज की पूर्व अध्यक्ष रूबी द्विवेदी थी।कार्यकम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डाॅ विनीता जैन ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। संचालन कु. दीक्षा एवं आभार व्यक्त जिलाध्यक्ष डाॅ. विनीता जैन ने किया। इस मौके पर विनीता गोधा, अनिकांत, आकाश मिश्रा, सिद्धि शर्मा, हर्श बंसल, वैष्णवी तोमर, ऐश्वर्या शिवहरे, सुकन्या शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थी।

बच्चों का रेंप पर  दिखा जलवा  
बच्चों ने रेंप पर चलकर खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी जैसे लक्ष्मीबाई, सुभाषचंद बोस, भारतीय नारी, माॅडल नारी, माॅडल बहू और साॅस की लडाई, भारत माता की रक्षा करते सैनिका, मारवाॅडी, मराठी फैशन आदि में सजी धजी डेस एवं मेकअप में अपनी फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने निर्णायकों के सामने शानदार प्रस्तुति दी। तालियों की गड़गड़ाहट सभागार गूंज गया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों से सवाल जबाब कर उन्हें विनर चुना गया।

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