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डिजीटल क्रांति समय की जरूरत, जागरूकता ही जोड़ेगी

2018-01-27 08:25:21 193
Sandhya Desh


ग्वालियर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुहिम डिजीटल इंडिया के समर्थन में ग्वालियर का डिजी मोंक भी आ गया है। डिजी मोंक का मानना है कि डिजीटल इंडिया को सफल बनाने जागरूकता होना आवश्यक है, क्योंकि जागरूकता ही इस मुहिम को सफल बनाने में सबसे कारगर सिद्ध होगी और इसी दिशा में हम काम कर रहे हैं। डिजी मोंक के गौरव जैन और गितांश मधोक ने बताया कि हमारा उददेश्य डिजीटल क्रांति को घर-घर पहुंचाना है। इसीलिए हम डिजीटल क्रांति को कैसे अपने लिए उपयोगी बना सकते है इस दिशा में निरंतर काम कर रहे है। गौरव का मानना है कि आज हम ग्वालियर की बात करे तो यहां लोग इसको लेकर एक पशोपेश की स्थिति में है। हम इसको अपनाते तो है पर पूरी तरह से नहीं। लोग एन्ड्राइड फोन के जरिए इससे घुल मिल भी रहे है। परंतु इसे अपने लिए फायदेमंद बनाने का हुनर नहीं है। गौरव की मानें तो डिजीटल क्रांति एक प्रोमोशन का जरिया है। इसके सहारे हम अपने बिजनेस में ग्रोथ और अपनी ग्लोबली पब्लिसिटी भी कर सकते है, लेकिन इसकी समझ होना बहुत जरूरी है। 
डिजी मोंक के गितांश मधोक के अनुसार हमारा संस्थान डिजी मोंक डिजीटल मार्केटिंग में ट्रेनिंग भी प्रोवाइड कराता है। इसका एक ट्रेनिंग सेंटर ग्वालियर की न्यू खेड़ापति कालोनी फूलबाग एक्सिस बैंक के सामने स्थापित है। हम यहां आने वाले लोगों को डिजीटल दुनिया से अवगत कराते है। इसके जरिए रोजगार कैसे पाया जाये उसका हुनर भी सिखाते है। उन्होंने बताया कि इसको सीखने की कोई उमर नहीं होती बस ललक होना आवश्यक है। हमारा संस्थान कालेजज में समय-समय पर डिजीटल इंडिया की जागरूकता के लिए कैंपेन और सेमिनार भी आयोजित करता है। 
डिजी मोंक के गौरव जैन ने बताया कि हम इस डिजीटल दुनिया से सबको जोड़ना चाहते है, क्योंकि सुनहरे भविष्य के लिए इसका ज्ञान होना बहुत आवश्यक है। अक्सर देखने में आता है कि शहरी लोग तो कुछ इससे घुल मिलने लगे है परंतु ग्रामीणों में इसकी बिलकुल भी नाॅलेज नहीं है। इसलिए जल्द ही हमारा संस्थान ग्रामीण इलाकों में जाकर वहां के लोगों को इसके बारे में जागरूक करने का काम भी करेगा, क्योंकि आजकल हर चीज ग्लोबल फ्रेण्डली है। परंतु ग्रामीण बिना पढ़े होने के कारण इसका लाभ नहीं उठा पाते है। हम उनकी इसी कमजोरी को दूर करने के लिए उन्हें यह बताएंगे कि डिजीटल क्रांति को समझने के लिए सिर्फ जुनून और जागरूकता की जरूरत है। जागरूकता आ गई तो वह खुद इस क्रांति से जुड़ने के लिए आगे आएंगे। गितांश मधोक के अनुसार हमारा संस्थान इस डिजीटल क्रांति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

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