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संगीत विश्वविद्यालय में वसंतोत्सव का आयोजन संपन्न

2018-01-25 18:53:11 165
Sandhya Desh


ग्वालियर। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर द्वारा वसंतोत्सव का अयोजन तानसेन सभागार में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्वालियर घराने के वरिष्ठ गायक पं. पी.एल. गोहदकर एवं विशिष्ट अतिथि प्रख्यात शिक्षाविद डाॅ. दिवाकर विद्यालंकर उपस्थित थे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. लवली शर्मा ने की। आज के कार्यक्रम मंे विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा संगीत एवं नृत्य प्रस्तुतियां दी गई।
कार्यक्रम का प्रारम्भ अतिथियों द्वारा माॅं सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। संगीत संकाय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके पश्चात् शोध छात्रा कु. मोनिका सिंह ने राग अहीर भैरव में छोटा ख्याल प्रस्तुत किया। शोध छात्रा कु. नीलम पटेल ने ठुमरी प्रस्तुत की। छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों के पश्चात् शिक्षकों ने प्रस्तुतियाॅं दीं। सर्वप्रथम डाॅं. संजय सिंह ने राग मधुवंती प्रस्तुत किया। एकताल मंे निबद्ध विलंबित ख्याल के बोल थे तेरो गुन गाऊॅं। तीनताल में निबद्ध छोटे ख्याल के बोल थे आज भरमायो जिया। इसके पश्चात् जयवंत गायकवाड ने एकल पखावज वादन प्रस्तुत किया। आपने ताल चैताल में गणेश वंदना से प्रारम्भ कर परम्परागत वादन प्रस्तुत किया। जयवंत गायकवाड के पश्चात् डाॅ. सुनील पावगी ने गिटार पर राग भीमपलासी प्रस्तुत किया। इसके पश्चात् श्रीमती पारूल दीक्षित का शास्त्रीय गायन प्रस्तुत हुआ। आपने राग मधुवंती प्रस्तुत किया। एकताल में निबद्ध विलंबित ख्याल के गोकुल गाॅंव के छोरा, तीनताल में निबद्ध छोटा ख्याल सुंदर सुरजनवा सांई रे प्रस्तुत किया। इसके पश्चात् एकताल में निबद्ध नैनन में आनबान बंदिश प्रस्तुत की। अपने गायन का समापन आपने राग वसंत में तीनताल में निबद्ध छोटा ख्याल अब नाही वसंत सुहावत री एवं तराना प्रस्तुत किया। 
श्रीमती पारूल दीक्षित के पश्चात मनीष करवडे का एकल तबला वादन हुआ। आपने झपताल में पेशकार, कायदे, टुकडे, मुखडे एवं परन आदि स्वरचित रचनाएं प्रस्तुत कीं। अपने वादन का समापन आपने द्रुत तीनताल में परन एवं रेले से किया। डाॅ. हिमांशु द्विवेदी ने गजल प्रस्तुत की। संगीत की प्रस्तुतियों के पश्चात् नृत्य विभाग की प्रस्तुतियाॅं हुई जिसमें भरतनाट्यम की छात्राओं ने सुश्री गौरीप्रिया के निर्देशन में रामचंद्र कृपालु भजनमन भरतनाट्यम नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में कथक विभाग की छात्र-छात्राओं द्वारा डाॅ. अंजना झा के निर्देशन में तीनताल में परम्परागत नृत्य प्रस्तुत किया। जिसमें तत्कार, परमेलू, तिहाईयाॅं आदि परम्परागत रचनाएॅं प्रस्तुत की गईं। 
सभी प्रस्तुतियांे में तबला संगति विकास विपट, हितेष मिश्र, संजय राठौर, पांडुरंग तेलंग, सारंगी संगति अब्दुल हमीद खान, हार्मोनियम संगति विवेक जैन एवं मनोज बमरेले ने की। कार्यक्रम में अतिथियों के साथ कुलपति प्रो. लवली शर्मा, प्रभारी कुलसचिव अजय शर्मा, परीक्षा प्रभारी, डाॅ. स्मिता सहस्त्रबुद्धे, डाॅ. नीता पहाडिया, श्रीराम उमडेकर सहित समस्त विभागों के प्रभारी विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, संगतकार, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएॅ एवं कला रसिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में पश्चात भण्डारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन की मनीष करवडे एवं संचालन डाॅ. हिमांशु द्विवेदी द्वारा किया गया।

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