बसंत पंचमी : शिव योग में होगा सरस्वती पूजन

2018-01-21 09:02:14 148
Sandhya Desh


ज्ञान की देवी सरस्वती के पूजन का पर्व वसंत पंचमी इस बार मंगलकारी शिव योग में होगा। स्वयं सिद्ध मुहूर्त में से एक वसंत पंचमी पर शुक्र का तारा अस्त होने के चलते विवाहों को लेकर असमंजस है। हर वर्ष बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह के आयोजन होते रहे हैं, वहीं इस बार मत-मतांतर के साथ इनकी संख्या सीमित रहेगी।
पंचमी तिथि 21 जनवरी रविवार को दोपहर 3.34 से 22 जनवरी सोमवार को शाम 4.24 बजे तक रहेगी। माता सरस्वती के प्राकट्य दिवस पर पूजन के लिए सुबह का समय श्रेष्ठ बताया गया है। इसके चलते वसंत पंचमी का पर्व 22 जनवरी को मनाया जाएगा। अमृत के चौघड़िया में सुबह 7.10 से 8.31 बजे तक और शुभ के चौघड़िया में सुबह 9.53 से 11.14 बजे तक श्रेष्ठ समय है। इस दिन दिवस पर्यंत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। सुबह 10.51 बजे तक परिघ योग रहेगा। इसके बाद दिनभर साधना में सफलता देने वाला शिव योग रहेगा।

शुक्र का तारा अस्त फिर भी होंगे विवाह
विवाह के लिए आवश्यक शुक्र का तारा इस बार वसंत पंचमी पर अस्त रहेगा। इसके चलते मकर सक्रांति के बाद सूर्य के उत्तरायण होने के बाद भी विवाह मुहूर्त पंचांगों में नहीं दिए गए हैं। शुक्र का तारा 3 फरवरी को उदय होगा। इसके बाद विवाह का सिलसिला शुरू होगा। हालांकि वसंत पंचमी अबूझ मुहूर्त में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन मांगलिक कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं है।

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