आवारा गायें एवं बछड़ों की समस्या के निवारण पर संसद में चर्चा

2018-01-03 19:31:31 110
Sandhya Desh


भिण्ड सांसद डाॅ. भागीरथ प्रसाद द्वारा आज लोक सभा में किसानों की ज्वलंत समस्या उठाते हुए व्यक्त किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा गाय और बछड़ों की बढ़ती संख्या से किसानों की फसलें नष्ट हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार द्वारा इस संदर्भ में शीघ्र, समुचित एवं प्रभावी उपाय कर किसानों के संकट का निवारण किया जाए। 
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा गाय एवं बछड़ों  की संख्या बढ़ रही है। सैंकड़ों की संख्या गाय एवं  बछड़ों के झुड खड़ी फसल को चर जाते हैं। किसान रात रातभर जाग कर अपनी फसलों की रक्षा में लगे रहते हैं। भिण्ड लोक सभा में भी यह एक व्यापक समस्या बन गई है। कुछ क्षेत्रों में लम्बे समय से आवारा गायें जंगली गायें बनकर हिंसक भी हो गई हैं। कृषि कार्य ट्रैक्टर एवं अन्य मशीनों से होने के कारण बछड़ों की उपयोगिता समाप्त हो गई है। अतः किसान गाय एव बछड़ों को अपने खेतों से दूसरों के खेतों की ओर हांकते हैं। परिणामस्वरूप ग्रामवासियों में झगड़े हो रहे हैं। 
आवारा गायों एवं बछड़ों की वजह से सड़कें भर जाती हैं। वहां आवागमन तथा बाजारों में बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं हो रही हैं। इससे आवागमन में बाधा के साथ-साथ जान-माल के नुकसान का भी खतरा रहता है। गौशालाओं में भी गायों का रख-रखाव ठीक नहीं हो पा रहा है। समुचित देखभाल न होने के कारण सैंकड़ों की संख्या में गायें मर जाती हैं। इस संकट को लेकर किसानों में आक्रोश व्याप्त है। अतः संसद के समक्ष सांसद डाॅ. भागीरथ प्रसाद ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए शीघ्र गौ संरक्षण एवं किसानों के लिए अनुकूल व्यवस्था के लिए प्रभावी उपाय किए जायें जिससे किसानों के संकट का निवारण हो सके। 

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