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Sandhyadesh

ताका-झांकी

नेरोगेज सेक्शन की चार क्रासिंग जी का जंजाल

13-Aug-19 150
Sandhyadesh


आए दिन जाम, गांधी नगर व लक्ष्मणपुरा क्रासिंग से सबसे ज्यादा परेशानी 
विनय कुमार अग्रवाल 
ग्वालियर। ग्वालियर में नेरोगेज सेक्शन की चार क्रासिंग इन दिनों शहरवासियों के लिये आफत बन गई है। यहां ट्रेनों के निकलने पर लगने वाले यातायात जाम ने शहर के आम यातायात को बेहाल कर दिया है। हालांकि नेरोगेज ट्रेन ग्वालियर के इतिहास की धरोहर है और इन्हें सहेजकर नियमित चलाना चाहिये, लेकिन अब ग्वालियर इन्हें ग्वालियर स्टेशन की जगह मोतीझील स्टेशन से चलाने की बात भी उठी है। हालांकि रेलवे ने इस पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं किया है, लेकिन फिर भी इस पर विचार मंथन चल रहा है। 
ग्वालियर में रेलवे नेरोगेज सेक्शन स्टेशन से श्योपुर कलां और सबलगढ़ के लिये ३ ट्रेनें विभिन्न समय के लिये निकलती है और ३ ट्रेन ही वापस भी आती हैं। इन ट्रेनों के मार्ग पर ग्वालियर में मध्य मार्ग पर चार रेलवे फाटक (क्रासिंग) पड़ती हैं। जहां सिग्रल देखकर फाटक पर तैनात गेटमैन फाटक बंद करता और खोलता है। इस दौरान ट्रेन निकलने तक लगभग १५ से २० मिनट लगते हैं। बस यहीं से समस्या पैदा होती है। इन चारों फाटक के नेरोगेज ट्रेन के समय बंद हो जाने से यहां वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग जाती है जिसमें प्रतिदिन विशेषकर सायं गेट खुलने के बाद आधा घंटे से डेढ़ घंटे तक यातायात बुरी तरह जाम हो जाता है। 
क्रासिंग पर इस यातायात जाम से ग्वालियर में बुरी तरह जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है। अपने गंतव्य को जाने वाले लोग जाम में बुरी तरह फंस जाते हैं विशेषकर सबसे ज्यादा समस्या उन लोगों को होती है जो ग्वालियर स्टेशन के पश्चिमी प्रवेश द्वार पर जाते हैं और उन्हें ग्वालियर -इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस पकडनी होती है। इस जाम से पडाव, गांधीनगर और लक्ष्मणपुरा रेलवे क्रासिंग पर यातायात व्यवस्था ठप्प हो जाती है और प्रतिदिन दर्जनों लोगों की इंटरसिटी एक्सप्रेस निकल जाती है। कई बार स्थिति ऐसी विषम हो जाती है कि वाहन इतने बुरी तरह फंस जाते हैं कि उन्हें निकालने के लिये घंटों मशक्कत करना पड़ती है। 
नेरोगेज क्रासिंग पर लगने वाले जाम से शहर के इन मार्गों पडाव, लश्कर, लक्ष्मणपुरा , हजीरा पडाव, फूलबाग मरीमाता फोर्ट रोड, शिंदे की छावनी रामदास घाटी जेल मार्ग पर समस्या रोज बरकरार रहती है, लेकिन संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस व यातायात कर्मी भी सब कुछ जानकर अनजान हैं। इनमें से ३ क्रासिंग गांधी नगर , लक्ष्मणपुरा व मरीमाता क्रासिंग अकेले पडाव थाना क्षेत्र में लगती है। यहां के सिपाहियों ने शुरू में तो कुछ दिन जाम खुलवाने की पहल की लेकिन रोज की जाम परेशानी व स्टॉफ की कमी से उन्होंने भी यहां से अब दूरी बना ली है। केवल जाम में फंसने के कारण यहां से निकलने वाले लोग ही परेशानी का सबब जानते हैं। पिछले दिनों उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी के दौरे के समय पत्रकारों ने इन क्रासिंग का मुददा उठाया था। उसके बाद उनके आश्वासन के बाद झांसी मंडल से आए रेलवे इंजीनियरों की टीम ने इन क्रासिंग की नाप जोख भी की थी। ऐसी संभावना है कि जल्दी ही यह क्रासिंग पर लगे गेट की लंबाई बढाई जाकर सडक़ चौडी की जा सकती है। लेकिन अभी तक इस दिशा में धरातल पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है। 
यहां एक विकल्प और दिया जा रहा है कि एरियल सर्वे में चार किलोमीटर में पडने वाली चार रेल क्रासिंग वैसे भी रेलवे नियमों के विपरीत हैं। इसीलिये अब शहर वासियों के हित में नेरोगेज ट्रेनों का संचालन मोतीझील या घोसीपुरा स्टेशनों से ही किया जाये। क्योंकि इन दोनों स्टेशनों पर नेरोगेज सेक्शन के प्लेटफार्मों के विस्तार व यार्ड के लिये व्यापक जगह भी उपलब्ध है। 
इनका कहना है ....
रेलवे नेरोगेज क्रासिंग पर जाम लगने की समस्या वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आई है । जल्दी ही इस पर कोई ठोस उपाय किये जायेंगे। 
मनोज कुमार सिंह 
पीआरओ 
उत्तर मध्य रेल झांसी 

अतिक्रमण व हाथ ठेले जाम का कारण 
ग्वालियर । नेरोगेज सेक्शन की तीन क्रासिंग गांधी नगर, लक्ष्मणपुरा व मरीमाता पर जाम का मुख्य कारण हाथ ठेले व अतिक्रमण है। देर सायं से ही हाथ ठेले यहां रास्ता रोककर अपनी दुकानदारी करते हैं। जिससे वाहनों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। 
लक्ष्मणपुरा क्रासिंग की कलारी के कारण यहां सायंकाल नमकीन, भजिये, पकोडों के ठेले लग जाते हैं जो 3-3 फुट तक सडक़ के साइड घेर लेते हैं। गांधी नगर क्रासिंग पर भी यही कारण है। क्रासिंग (गेट)भी छोटा है ठेलों के मार्ग में खडे होने व सडक़े टूटी फूटी होने से भी वाहन धीमी गति व एक एक कर निकलते हैं, जिससे जाम की समस्या बनती है। 

नेरोगेज सेक्शन में ३ ट्रेनों की आवा-जाही 
ग्वालियर। नेरोगेज सेक्शन पर ग्वालियर से सबलगढ़ और श्योपुर के लिये कुल तीन ट्रेनें चलती हैं, और यही ट्रेनें वापस भी आती हैं। कुल मिलाकर नेरोगेज ट्रेन छह चक्कर लगाती है। इन ट्रेनों के नंबर ५२१७१, ५२१७२, ५२१७३,५२१७४, ५२१७५ और ५२१७६ हैं। 
यह ट्रेन इस सेक्शन में आने जाने वाले यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय है और ग्वालियर सबलगढ़ व श्योपुर के बीच गांवों व ग्रामीणों की यह लाइफ लाइन है, जो सिंधिया स्टेट के समय से चल रही है। 
 

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