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Sandhyadesh

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प्रभु ने सुनी 16 हजार शिक्षक पति -पत्नी की प्रार्थना

07-Oct-19 84
Sandhyadesh


(विनय कुमार अग्रवाल)
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और राज्य के शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी ने इस बार जो कर दिखाया है, वह आज तक के शिक्षा जगत के इतिहास में कभी नहीं हुआ। इस बार स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत १६ हजार पति-पत्नी शिक्षक-शिक्षिकाओं को मिलाने का काम हुआ, जो अपने आप में एक रिकार्ड है। यह पति-पत्नी शिक्षक-शिक्षिकाएं अपनी ज्वाइनिंग से ही दूर दराज पोस्टेड थे। 
मुख्यमंत्री कमलनाथ और स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी की उदारता के चलते शिक्षा विभाग में पदस्थ पति-पत्नी अब एक ही जिले में पास-पास पदस्थ कर दिये गये हैं। राज्य में कुल ३५ हजार शिक्षक-शिक्षिकाओं के स्थानान्तरण हुये, जिसमें से १६ हजार उन शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी लाभ मिला जो पति-पत्नी थे। इसके साथ ही निशक्तता से पीडित शिक्षक -शिक्षिकओं को भी अपने पंसदीदा नगर या गृह नगर में आने की राह मिली और खुले मन से स्कूल शिक्षा विभाग में यह स्थानान्तरण भी हुये। 
कुल मिलाकर इन स्थानान्तरणों के पीछे स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी  से लेकर आयुक्त लोक शिक्षण जयश्री कियावत का इसमें अहम रोल रहा, जिन्होंने एक-एक शिक्षक के मामले की स्वयं मानीटरिंग की और कोशिश की जिस किसी भी शिक्षक ने अपना पंसदीदा क्रम ऑन लाइन आवेदन में भरा है , उसे वहीं पर पदस्थ कर दिया जाये। 
विशेष बात यह है कि शुरू में विभागीय अधिकारियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री से लेकर आयुक्त लोक शिक्षण को इस मामले में गुमराह करने  की कोशिश की थी कि इतने ज्यादा स्थानान्तरण से शिक्षण व्यवस्था चौपट हो जायेगी, लेकिन मंत्री व आयुक्त लोक शिक्षण का तर्क था कि पसंदीदा  जिले में पदस्थ  करने से शिक्षक अपने कार्य स्थल पर ज्यादा समय दे सकेंगे, और बच्चों पर भी ध्यान दे पायेंगे। यह बात सही भी साबित हुई अब राज्य में शिक्षक अपने पसंदीदा जिलों के स्कूलों में ज्यादा समय दे रहे हैं, नहीं तो उनका आधा समय ही आने-जाने में खर्च हो जाता है। 
स्वयं स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी ने स्वीकार किया कि पसंदीदा जिलों व स्कूलों में पदस्थापना से शिक्षक भरपूर समय स्कूलों को दे रहे हैं, जिससे शिक्षा का गुणात्मक स्तर और बढेगा और रिजल्ट भी सुधरेगा। चौधरी ने सत्ता सुधार को बताया कि उनसे मई-जून में ऐसे कई शिक्षक दंपत्ति मिले थे जिन्होंने बताया कि साहब मैं ४०० किलोमीटर दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ हूं और पत्नी आदिवासी क्षेत्र में । हम लोग दो -तीन माह में बडी मुश्किल से घर लौट पाते हैं। 
बस इसी बात से स्कूल शिक्षा मंत्री चौधरी का दिल पसीज गया और उन्होंने सभी अलग-अलग पदस्थ पति-पत्नी  शिक्षकों को एक ही जिले में करने का संकल्प लिया और इस बार वह साकार भी कर दिया। अब राज्य के शिक्षक पति-पत्नी अपनी एक ही जिले में पदस्थापना से बेहद प्रसन्न हैं और मुख्यमंत्री कमलनाथ से लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी व आयुक्त लोक शिक्षण जयश्री कियावत  की प्रशंसा से चूक नहीं रहे हैं। 

इनका कहना है ....
हमने मप्र में पहली बार १६ हजार पति-पत्नी शिक्षकों को एक ही जिले में पदस्थ कर उललेखनीय पहल की है। हम चाहते हैं कि राज्य का शिक्षण कैडर बेहतर हो इसके लिये यह प्रयास किया है। 
प्रभुराम चौधरी 
स्कूल शिक्षा मंत्री 
मप्र शासन 

2019-10-20aaj