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Sandhyadesh

आज की खबर

पुरानी छावनी - रायरू मार्ग अधर में लटका

17-Sep-19 265
Sandhyadesh


* एनएचआई ने सड़क निर्माण का पैसा रोका 
* काम करो पैसा ले जाओः एनएचआई 
* पैसा दो काम कराओः पीडब्ल्यूडी
(विनय कुमार अग्रवाल)
ग्वालियर। रायरू से लेकर पुरानी छावनी और नयागांव तक पहुंचने वाले एनएच नेशनल हाईवे - 3 का हिस्सा अपनी समयावधि में पूरा नहीं हो सका है। मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग को केन्द्र सरकार के सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की वन टाइम इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत इस 28 किलोमीटर मार्ग का निर्माण करना था। निर्माण पूरा न होने से एनएचआई ने अब मप्र लोक निर्माण विभाग को दी जाने वाली आवंटित राशि रोक ली है।
बहोड़ापुर ग्वालियर से पुरानी छावनी होकर रायरू वायपास तक लगभग साढ़े छह किलोमीटर और बहोड़ापुर से नयागांव तक साढ़े 21 किलोमीटर का हिस्सा पहले एनएच-3 का हिस्सा होता था। लेकिन एनएचआई द्वारा रायरू महाराजपुरा सिरोल नई रोड डव्लप कर झांसी आगरा मार्ग से मिलाने के बाद इस रोड की वर्षों से हुई जर्जर स्थिति पर कोई सुध लेने वाला नहीं है, जिसके कारण इस मार्ग की हालत अत्यंत जर्जर होगई है और रही सही कसर रायरू, महाराजपुरा, सिरोल रोड के ओव्हर ब्रिज क्षतिग्रस्त होने से काफी समय इस मार्ग पर ही सारा ट्रेफिक लोड आने से हो गई थी। इस मार्ग की हालत अब वाहन चलने लायक भी नहीं है।  
पुरानी छावनी से रायरू तक के मार्ग को 12 माह में पूरा करना था। पीडब्ल्यूडी ने इसका ठेका मैनपुरी की ऋषिराज कन्स्ट्रक्शन कंपनी को दिया था। इसके निर्माण पर कुल लागत 68 करोड़ आनी थी। पूरा मार्ग रायरू से बहोड़ापुर होकर फोरलेन और बहोड़ापुर से नयागांव  तक टू लेन में बनना है। पहले चरण में रायरू से बहोड़ापुर तक साढ़े छह किलोमीटर का काम बीते अगस्त माह में संपन्न होना था। 
इसके निर्माण का पैसा एनएचआई को देना था, लेकिन पीडब्ल्यूडी से ऋषिराज कंस्ट्रक्शन कंपनी को चरणबद्ध निर्माण राशि नहीं मिली, तो कंपनी ने सड़क निर्माण पर केवल मुरम गिटटी बिछाकर अपने हाथ खड़े कर दिये है। वहीं पीडब्ल्यूडी को भी एनएचआई से तमाम पत्र व्यवहार के बाद भी पूरे 10 माह तक कोई भी राशि नहीं मिली हैं। बीते पखवाड़े एनएचआई ने केवल एक करोड़ का चैक पीडब्ल्यूडी के खाते में जमा कराया है।
पीडब्ल्यूडी ने एनएचआई से इस सड़क निर्माण के कार्य में और भुगतान की बात की है, लेकिन एनएचआई के अधिकारियों ने स्पष्ट यह कहकर पल्ला झाड़ लिया है कि आप काम कराइये, पैसा हम रिलीज करते जायेंगे। एनएचआई के पास 30 करोड़ रूपये की राशि इस मार्ग के लिए आ भी चुकी है, लेकिन वह बिना कार्य के राशि देकर रिस्क नहीं उठाना चाहते। अभी तक खर्च की गई राशि न मिलने से ऋषिराज कंस्ट्रक्शन कंपनी भी काम छोड़कर भाग गई है। उसके प्रमोटर्स का कहना है कि पीडब्ल्यूडी हमें पैसा दे तो हम काम करें, जबकि पीडब्ल्यूडी का कहना है कि एनएचआई हमको राशि रिलीज करें, तो हम यह पैसा कंस्ट्रक्शन कंपनी को रिलीज करें।
कुल मिलाकर पुरानी छावनी और रायरू तक यहां से रोज निलकने वाले 4 हजार वाहन रेंग रेंग कर निकलते है, पूरे पुराने मार्ग पर सड़क और डामरीकरण तो दिखाई ही नहीं पड़ता। केवल गड़ढों की भरमार है। रोज ग्वालियर व चंबल संभाग के प्रशासनिक अधिकारी, राजनेता, मप्र के मंत्री, केन्द्रीय मंत्री आदि सभी का निकलना होता है, कोई भी इस बारे में पहल करने को तैयार नहीं है। ग्वालियर डीएम व कमिश्नर जरूर इस सड़क निर्माण के लिए सालभर से पहल कर रहे है, लेकिन उनकी पहल भी फाइलों में दबकर रह गई हैं।

इनका कहना हैं 
पुरानी छावनी - रायरू के मार्ग को पूरा करने में एनएचआई से राशि न मिलने से विलंब हुआ है। हमने कन्सट्रक्शन कंपनी के काम के हिसाब से राशि मांगी है। कंपनी पैसा न मिलने से हाथ खड़े कर रही है।
ओम हरि शर्मा
कार्यपालन यंत्री
लोक निर्माण विभाग 
ग्वालियर

साभार 
सत्ता सुधार

2019-10-20aaj