BREAKING!
  • संभाग आयुक्त ओझा ने देखी पार्किंग व्यवस्था
  • ग्वालियर स्मार्ट सिटी ने जीता आईटी एक्सिलेंस अवॉर्ड, सीईओ महीप तेजस्वी सम्मानित
  • टेक्रोलाजी का फायदा तभी जब आम आदमी को उसका लाभ मिले: धोत्रे
  • बीएसएनएल को संकट से उबारने रिवाइवल पैकेज बनाया है : केन्द्रीय राज्यमंत्री संजय धोतरे
  • राज्य सरकार बाढ़ पीडितों के मामले में राजधर्म का पालन करे: विजयवर्गीय
  • घासमंडी से ढाई लाख की स्मैक सहित एक आरोपी दबोचा
  • बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में बावा दिवस बनाया
  • निगम अपने परियोजना अधिकारी को तत्काल मूल विभाग में भेजें
  • बीमा चिकित्सालय में बिजली संकट से आपरेशन नहीं रूकेंगे
  • राष्ट्रीय स्तर पर मेले को पहचान दिलाने पर काम करेंगे नये पदाधिकारी

Sandhyadesh

आज की खबर

रेल मंत्रालय का बड़ा फैसला, 2 अक्टूबर से प्लास्टिक के बने सामान पर लगेगी रोक

11-Sep-19 29
Sandhyadesh

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने रेलवे में प्लास्टिक और पॉलिथिन बैग के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। रेलवे बोर्ड ने अपने निर्देश में कहा है कि 2 अक्टूबर तक रेलवे को प्लास्टिक से बने सामानों पर नियमों के तहत पूरी पाबंदी लगानी होगी। 2 अक्टूबर यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के दिन सभी रेल कर्मियों को प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने की शपथ भी दिलाई जाएगी।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी
रेलवे बोर्ड के आदेश के मुताबिक रेलवे में 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाली सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री पर तुरंत प्रभाव से पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इसमें रेलवे के सभी वेंडर्स को प्लास्टिक के कैरी बैग का इस्तेमाल बंद करने लिए जागरुक करने को कहा गया है। इसके लिए दोबारा इस्तेमाल में आने वाला पर्यावरण के अनुकूल बैग  का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। बता दें कि स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में इस्तेमाल कर फेंके गए प्लास्टिक से मुक्ति दिलाने के लिए अभियान छेड़ने का आह्वान किया था।

क्‍या है सिंगल-यूज प्लास्टिक?
सिंगल-यूज प्लास्टिक उसे कहते हैं जिसका हम एक बार ही इस्‍तेमाल करते हैं. रोजमर्रा की जिंदगी में तमाम ऐसे प्‍लास्टिक के प्रोडक्‍ट हैं जिसे हम एक बार इस्‍तेमाल कर फेंक देते हैं. इसी तरह के प्‍लास्टिक को सिंगल यूज प्‍लास्टिक कहा जाता है. इसे डिस्पोजेबल प्‍लास्टिक के नाम से भी जाना जाता है. सिंगल यूज प्‍लास्टिक प्रोडक्‍ट की बात करें तो इसमें- प्लास्टिक बैग, प्लास्टिक की बोतलें, स्ट्रॉ, कप, प्लेट्स, फूड पैकजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक, गिफ्ट रैपर्स और कॉफी के डिस्पोजेबल कप्स आदि शामिल हैं।

ई-कॉमर्स कंपनियां करती हैं 40 फीसदी खपत
भारत में सिंगल प्‍लास्टिक यूज करने वालों में ई-कॉमर्स कंपनियां सबसे आगे हैं. एक अनुमान के मुताबिक सालाना उपयोग होने वाले प्लास्टिक प्रोडक्ट में करीब 40 फीसदी प्लास्टिक की खपत ई-कॉमर्स सेक्टर में होती है. दरअसल, सस्ती स्मार्टफोन कंपनियां समेत ई-कॉमर्स कंपनियां कस्‍टमर को अपने प्रोडक्ट की डिलिवरी करते हैं तो उसमें प्‍लास्टिक का अधिक यूज करते हैं. हालांकि अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों ने प्‍लास्टिक के इस्‍तेमाल को कम करने के लिए पहल भी शुरू कर दी है।