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Sandhyadesh

आज की खबर

निगम के छोटे अधिकारी लगा रहे हैं सफाई व्यवस्था को पलीता

10-Sep-19 20
Sandhyadesh


ग्वालियर। नगर निगम के आयुक्त सहित अन्य अधिकारी भले ही पूरी मेहनत कर महानगर की साफ सफाई को बेहतर करने का प्रयास करें लेकिन निगम के ही अधिकारी एवं कर्मचारी निगम अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर सफाई व्यवस्था को पलीता लगा रहे हैं। 
हाल ही में चेतकपुरी पार्क के बाहर पेडों की पडी कटिंग (पत्तियां और छोटी डालियां) लगभग १५ दिनों से पडी है। वहां पर बर्षात के चलते भारी संख्या मे मच्छर हो रहे हैं , जो बीमारियों को अंजाम दे रहे हैं। इतना ही नहीं कटिंग पडे होने से सडऩे तक लगी है। इसे उठवाने के लिए कई बार सफाई कर्मियों से कहा लेकिन वह ट्रेक्टर वाले को कटिंग और अन्य मलबा को भरने की कहते हैं । सफाई कर्मियों का कहना है कि वह स्वयं कटिंग पडी देखकर डब्ल्यूएचओ को कहते हैं वही ट्रेक्टर भेजते हैं। लेकिन आज तक उक्त कटिंग नहीं उठी। इतना ही नहीं सामने ही पार्षद का घर भी है। वह स्वयं तथा अन्य नागरिकों ने भी डब्ल्यूएचओ से कटिंग उठाने की कही लेकिन उनके द्वारा ट्रेक्टर नहीं आने की बात कहकर टाल दिया गया । उससे बार बार अनुरोध करने पर ट्रेक्टर मल्लागढ़ा की ओर गया बता कर इतिश्री कर ली। वहीं आज शाम तक उक्त कटिंग नहीं उठ सकी है। ऐसे में छोटे अधिकारी पूरी सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। वहीं वार्ड अधिकारी अपने चेम्बरों में बैठकर कार्य को अंजाम दे रहे हैं वहीं वह केवल घर और फोन से ही पूरा कार्यालय संचालित कर रहे हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था ध्वस्त ना होगी तो क्या होगा। यह एक पाश कालोनी का उदाहरण है तो आम शहर और तंग गलियों की क्या स्थिति होगी इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। या यूं कहें कि निगम के छोटे अधिकारी ही पूरी सफाई व्यवस्था को पलीता लगा रहे हैं। निगम के सूत्र बताते हैं कि निगम में ही दरोगा से लेकर डब्ल्यूएचओ सफाई कर्मियों के ही रिश्तेदार बन गये हैं। उन्होंने महीना बांध लिया है। और अन्य कर्मियों पर दबाब देकर पैसों की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था चामराएगी ही क्योंकि जो सफाई कर्मी पैसे देगा वह तो काम पर आयेगा नहीं उसकी जगह दूसरा कर्मी कब तक कार्य करेगा। अब देखना है कि सफाई कर्मियों की इन हरकतों की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों के कान में पडेगी क्या क्या वह अपने ही मातहत अधिकारियों पर अंकुश लगाएंगे और वार्ड आफीसरों को फील्ड में भेज पायेंगे इसका इंतजार रहेगा।