महिला आरक्षण 2029 से ही लागू करेंः रश्मि पवार शर्मा
ग्वालियर। महिला आरक्षण को लेकर विगत दिनों संसद में जो हुआ उससे साफ है कि भाजपा सरकार महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं है। भाजपा ने महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं को भ्रमित करने का काम किया है।
उक्त बात आज गुरूवार को यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुये एआईसीसी सदस्य एवं सचिव मप्र कांग्रेस कमेटी श्रीमती रश्मि पवार शर्मा ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण के पक्ष में है। लेकिन भाजपा जिस तरीके से इसे लागू करने की बात कर रही थी उसमें महिलाओं के अधिकार से ज्यादा राजनीति छिपी हुई थी। भाजपा सरकार ने महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने के बजाय उसे परिसीमन और जनगणना से जोड दिया है। इसका मतलब साफ है कि सरकार महिलाओं को अधिकार नहीं देना चाहती बल्कि केवल चुनावी लाभ लेना चाहती है।
श्रीमती रश्मि पवार शर्मा ने कहा कि यदि भाजपा की नीयत साफ होती तो महिला आरक्षण को 2024 या 2029 से लागू करने का रास्ता साफ करती। लेकिन उन्होंने महिलाओं को सिर्फ वादों और नारों में उलझाकर रखा। श्रीमती शर्मा ने सरकार से मांग की कि महिला आरक्षण के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत दिया जाए, आरक्षण 2029 लोकसभा चुनाव से लागू किया जाए, इसे जनगणना और परिसीमन से न जोडा जाए, महिलाओं को उनका हक बिना देरी के मिले।
उन्होंने कहा कि 2023 में इसी बिल को लेकर कांग्रेस ने समर्थन कर उसे पारित कराया था। सरकार को तो उसे केवल नोटिफिकेशन लागू करना था। लेकिन सरकार ने उसे जनगणना और परिसीमन में उलझा दिया। पत्रकार वार्ता में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह यादव, ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रभुदयाल जोहरे, सचिव राहुल शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।