ग्वालियर। खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व की क्षमता विकसित करने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। इस आशय के विचार सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने गुरुवार को शासकीय कमलाराजा कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय के वार्षिक क्रीड़ा पुरस्कार वितरण समारोह में व्यक्त किए।
समारोह के मुख्य अतिथि मंत्री कुशवाह ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने 'लोक व जनजातीय संस्कृति एवं भारतीय ज्ञान परंपरा' विषय पर आधारित महाविद्यालय की वार्षिक पुस्तक का विमोचन भी किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए मंत्री कुशवाह ने कहा कि हमारी बेटियाँ शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी परचम लहराकर प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं। प्रदेश सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को उभारने के लिये प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि समर्पण और कड़ा परिश्रम ही सफलता का मूल मंत्र है। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की मांग है।
मंत्री कुशवाह ने छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए महाविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में के.आर.जी. महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. साधना श्रीवास्तव, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. के. रत्नम, पूर्व जनभागीदारी अध्यक्ष श्रीमती मीना सचान और जीवाजी विवि के पूर्व शारीरिक शिक्षा निदेशक डॉ. केशव सिंह गुर्जर सहित क्रीड़ा समिति के सदस्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन खेल भावना और उत्साह के संकल्प के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने में क्रीड़ा अधिकारी मनोहर कटारिया और अरविंद सूर्यवंशी का विशेष योगदान रहा।