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गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में पेयजल की समस्या नहीं आना चाहिए: कलेक्टर

ग्वालियर । कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल प्रबंधन के लिये पुख्ता प्रबंधन किए जाएं। शहर के किसी भी वार्ड में गर्मी के मौसम में नागरिको को पेयजल की समस्या न आए। इसके साथ ही नाला सफाई के कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ किया जाए ताकि बरसात के दौरान जल भराव की स्थिति न हो। कलेक्टर ने रविवार को नगर निगम के बाल भवन सभागार में पेयजल प्रबंधन, सीवर संधारण एवं वायु सुधार कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में निगम आयुक्त संघ प्रिय, अपर आयुक्त नगर निगम प्रतीक राव, अपर आयुक्त मुनीष सिकरवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी हैंडपंपों और ट्यूबवेलों में क्लोरीनेशन का काम कराया जाए। इसके साथ ही पानी की सेम्पलिंग का कार्य भी अभियान चलाकर 7 दिन में किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि शहर में कहीं पर भी बोर खुला नहीं पाया जाना चाहिए। इसके साथ ही शहर में स्थापित सभी हैंडपंपों के संधारण का कार्य भी अभियान चलाकर किया जाए। गर्मी के मौसम में कोई भी हैंडपंप बंद नहीं रहना चाहिए। जिन क्षेत्रों में पेयजल वितरण में समस्या है, उन क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार बोर कराने का कार्य भी किया जाए। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि जिन क्षेत्रों में बोर कराया जाए वहां पर 5 हजार लीटर क्षमता की टंकी भी अवश्य रखवाई जाए। बहुत आवश्यक होने पर ही टैंकर के माध्यम से पानी की उपलब्धता कराई जाए। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा है कि सीएम हैल्पलाइन में पेयजल समस्या के संबंध में जो भी शिकायतें पंजीबद्ध हैं उनके निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। गर्मी के मौसम में पेयजल वितरण व्यवस्था में पानी के टैंकरों के लिये जनप्रतिनिधियों से भी उनकी निधि से टैंकर प्रदान करने का आग्रह किया जाए। सीवर संधारण की समीक्षा करते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बरसात से पहले सभी नालों की सफाई का अभियान चलाकर कार्य किया जाए। सीवर संधारण के संबंध में भी सीएम हैल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निराकृत किया जाए। गंदे पानी की शिकायत कहीं से भी प्राप्त होने पर सर्वोच्च प्राथमिकता से उसे ठीक करने का कार्य किया जाए। 
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा है कि जिन क्षेत्रों में पानी का जो स्तर नीचे जाता है उन स्थानों पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण के कार्य हाथ में लिए जाएं। इसके साथ ही हैंडपंपों और पानी के बोरों के आसपास प्लेटफार्म निर्माण के कार्य को भी प्राथमकता से किया जाए ताकि गंदे पानी की कोई शिकायत न रहे। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने नगर निगम आयुक्त से कहा है कि शहर में जिन स्थानों पर नालों में कचरा डालने की शिकायतें रहती हैं उन स्थानों पर नाले पर जाली लगाने की कार्ययोजना भी तैयार की जाए ताकि सफाई के उपरांत नालों में कचरा न डाला जा सके। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने शहरी क्षेत्र में वायु सुधार कार्यक्रम के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शहर में वायु सुधार के लिये आवश्यक सभी प्रबंधन करने के निर्देश दिए। वायु सुधार कार्यक्रम के लिये निगम के माध्यम से 20 करोड़ रुपए का प्रावधान था, जिसके विरूद्ध 9 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक के काम किए गए हैं। शेष राशि के कार्य भी हाथ में लिए गए हैं। 
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा है कि शहरी क्षेत्र में ऐसे स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्र चिन्हित किए जाएं जहां पर बरसात के दौरान पानी भरने अथवा कीचड़ होने की शिकायत रहती है। इन सभी स्थानों पर पेवर ब्लॉक लगाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि शहर में जितने भी स्थानों पर फाउण्टेन लगे हुए हैं उन स्थानों पर फॉकर लगाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।  निगम आयुक्त संघ प्रिय ने वायु सुधार के लिये फॉकर वाहन की आवश्यकता बताने के साथ ही कंपनी द्वारा दिए गए प्रस्ताव के संबंध में भी जानकारी दी। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा शहर की प्रमुख सड़कों के डिवाइडर पर बड़े पेड़ लगाने और साइंस कॉलेज, चेतकपुरी, एयरपोर्ट रोड आदि पर धूल न उड़े, इसके लिये निगम के माध्यम से किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी दी। 

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