नियाज, अभिषेक, चादरपोशी के साथ राजा बाक्षर का शताब्दी उर्स प्रारंभ
ग्वालियर हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक एवं सद्भाव का संगम बाबा राजा बाक्षर का 11 दिवसीय शताब्दी उर्स समारोह आज सुबह नियाज, अभिषेक, आरती एवं चादरपोसी के साथ प्रारंभ हुआ दौलतगंज स्थित राजा बाक्षर के गद्दी नशीन तरुण सूर्यवंशी ने बताया कि सुबह 6 बजे न्याज अता की गई। सुबह 7 बजे बाबा का अभिषेक किया गया। सुबह 9 बजे आरती की गई। दोपहर 2 बजे फिर से न्याज और फकीरों के लंगर का आयोजन किया गया। रात 8 बजे चादर पोसी की रस्म अदा की जाएगी। उसके बाद रात 9 बजे महा आरती होगी। रात्रि बजे से मशहूर कव्वाल युसूफ नियाजी और सलमान अजमेरी की कव्वाली का आयोजन किया गया, जिसमें सेकंडों लोगों ने शिरकत की। सूर्यवंशी ने बताया कि 13 अप्रैल को कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ होगा। यह कलश यात्रा सनातन धर्म मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गो से होती हुई दौलतगंज स्थित राजा बाक्षर के मंदिर पर समाप्त होगी। वहीं कथावाचक हरिओम महाराज द्वारा भागवत कथा का श्रोताओं को रसपान कराया जाएगा।