सवच्छ भारत अभियान, अदभुत पहल: छात्राओं के लिये अलग से टॉयलेट

अब छात्राएं मासिक धर्म में भी स्कूल आ सकेंगी
विनय कुमार अग्रवाल
बानमोर-मुरैना। जरूरी नहीं की हर बात के लिये सरकार पर ही निर्भर रहा जाये। समाज में ऐसे भी कुछ लोग व संस्थाएं होते हैं , जो स्वयं के बल पर कुछ करने का जज्बा रखते हैं, और पूरे समाज , प्रदेश व देश के लिये मिसाल बन जाते हैं।
यहां हम एक ऐसे ही शख्स की बात कर रहे हैं जिसने मुरैना जिले के बानमोर क्षेत्र में एक स्कूल में इतिहास रच दिया। यहां छोटी-छोटी किशोरावस्था को प्राप्त करतीं छात्राएं माह के कठिन दिनों (मासिक धर्म ) में स्कूल नहीं आतीं थीं, क्योंकि यहां उनके लिये अलग से कोई टॉयलेट नहीं था और पैड बदलने की कोई सुविधा नहीं थी।
हम बता दें कि बानमौर में एक शासकीय हायर सैकेंड्री स्कूल है। इस स्कूल में छात्र और छात्राएं कोएजुकेशन प्राप्त करते हैं। स्कूल में छात्राओं और छात्रों की संख्या ७०० के लगभग है, जिसमें आधी से अधिक छात्राएं हैं। चूंकि यह स्कूल ११ वीं तक है, तो यहां अध्ययन को आने वाली छात्राओं को उस समय बडी दिक्कत होती थी जब वह मासिक धर्म से होती थीं। यहां का टॉयलेट कॉमन था और छात्राओं को पैड बदलने की सुविधा भी नहीं थी। जिस कारण छात्राएं मासिक धर्म के समय विद्यालय आने से परहेज करती थीं। जिससे उनकी पढ़ाई की हानि होती थी।
यह सब जानकारी एक ग्रामवासी के माध्यम से बानमौर में स्थापित जेके टायर फैक्ट्री के महाप्रबंधक (एचआर) श्री पांडुरंग कुलकर्णी को लगी तो उन्होंने वहां फीनिश सोसायटी व स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर एक आधुनिक टॉयलेट बनवाने की पहल की और यह सब साकार भी कर दिखाया। इस टॉयलेट में उन्होंने छात्राओं के लिये तीन सीटें लगवाई हैं और मासिक धर्म के दौरान पैड बदलने की सुविधा का स्थान भी बनवाया। इसके साथ ही यहां उन्होने एक भस्मक की भी स्थापना कराई ताकि छात्राएं अपना सैनेटरी पैड भस्मक में डाल दें और भस्मक उसको जलाकर राख कर देगा।
इसके साथ ही जेके टायर फैक्ट्री के महाप्रबंधक कुलकर्णी ने छात्राओं के लिये हाथ धोने की भी व्यवस्था कराई जिसमें छात्राएं सैनेटरी पैड बदलने व गंदा उपयोग पैड भस्मक में डालकर साबुन से हाथ धो सकें। यहां पानी का स्टोरेज टैंक स्थापित कर हाथ धोने के लिये १० टोंटियां भी लगाई गई हैं। इस सबमें यह अच्छी बात हुई है कि अब प्रतिमाह लगभग जो दर्जनों छात्राएं मासिक धर्म के दौरान स्कूल नहीं आ पाती थीं , अब वह नियमित स्कूल आ रहीं हैं और अपने अध्ययन कार्य में लगी हैं, ताकि उनका रिजल्ट और बेहतर हो सके।
जेके टायर महाप्रबंधक पी कुलकर्णी की इस पहल से बानमौर के ग्रामीण अब बेहद खुश हैं, उनकी पुत्रियां अब और स्वच्छ भारत अभियान में अपनी भागीदारी कर रहीं हैं।
जेके टायर महाप्रबंधक कुलकर्णी बताते हैं कि उन्हें छात्राओं के टॉयलेट न होने की जानकारी लगने पर बेहद दुख हुआ था। उन्होने स्वयं जेके टायर के वाइस प्रेसीडेंट संजय प्रकाश बिंदल से बात कर उन्हें जब इस पहल की जानकारी दी , तो उन्होंने भी इस नेक कार्य में उनका सहयोग किया। कुलकर्णी ने बताया कि अंचल में उनका यह गुजरात मॉडल का यह पहला आधुनिक टॉयलेट है , जिसमें सैनेटरी पैड के लिये भस्मक की भी व्यवस्था है।


छात्राओं से ही कराया शुभारंभ
बानमौर जेके टायर फैक्ट्री द्वारा हायर सैकेंड्री स्कूल में स्थापित किये गये टॉयलेट का शुभारंभ जेके टायर महाप्रबंधक पी कुलकर्णी ने स्कूल की एक छात्राओं से ही करवा कर एक और सार्थक पहल प्रस्तुत की।
टॉयलेट का शुभारंभ छात्राओं ने कैंची से रिबन काटकर किया। छात्राओं ने बताया कि अब उन्हें पैड बदलने के लिये परेशान नहीं होना पडेगा , वह नियमित रूप से मासिक धर्म के दौरान भी स्कूल आ सकेंगी।

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