किसी भी देश की समृद्धि उसके नागरिकों के वैज्ञानिक दृष्टिकोंण पर निर्भर करती है : प्रो. कमलकांत द्विवेदी 

ग्वालियर । परंपरागत पुतल माध्यम से विज्ञान का जन प्रचार करने विषयक पाँच दिवसीय कार्यशाला का उदघाटन स्थानीय स्वास्थ्य प्रबंधन तथा संचार संस्थान ग्वालियर में सम्पन्न हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद के सेवानिवृत्त प्रमुख एवं वर्तमान में कुलपति आईटीएम विश्वविद्यालय डॉ. कमलकांत द्विवेदी उपस्थित रहे। आयोजन की अध्यक्षता नेशनल बुक ट्रस्ट नईदिल्ली के अध्यक्ष डॉ. गोविंद प्रसाद शर्मा द्वारा की गई।
प्रो. कमलकांत द्विवेदी ने इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी देश की समृद्धि उसके नागरिकों के वैज्ञानिक दृष्टिकोंण पर निर्भर करती है। समाज में भ्रांतियों को वैज्ञानिक सोच से ही दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह बहुत चुनौतीपूर्ण कार्य है और देश की आजादी से ही इस प्रकार के प्रयास किए जाते रहे हैं। यह कार्यशाला भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
आयोजन की अध्यक्षता कर रहे डॉ. गोविंद प्रसाद शर्मा अध्यक्ष नेशनल बुक ट्रस्ट नईदिल्ली ने अपने संबोधन में पुस्तकों के प्रति जन सामान्य के रूझान में आ रही कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सुरूचि पूर्ण पुस्तकें तैयार हों, वैज्ञानिक चेतना का विस्तार हो और लोग अधिक से अधिक पुस्तकों का लाभ लें। उन्होंने परंपरागत माध्यम को लेकर आयोजित कार्यशाला की सराहना करते हुए इस तरह के प्रयासों को विज्ञान संचार के लिए जरूरी बताया।
आयोजन के द्वितीय सत्र की शुरूआत  जयंत तोमर विभाग प्रमुख पत्रकारिता आईटीएम विश्वविद्यालय के पुतल माध्यम से विज्ञान संचार और सामाजिक परिवर्तन में भूमिका विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि सामाज में व्याप्त अंधविश्वासों को वैज्ञानिक सोच के साथ ही खत्म किया जा सकता है। उन्होंने देश में हुए बदलावों की चर्चा करते हुए कहा कि इससे समाज में काफी परिवर्तन आए और सामाजिक परिवर्तन का रास्ता विज्ञान के प्रचार-प्रसार से ही निकलेगा।
डॉ. भगवत स्वरूप चैतन्य,  अशोक सेंगर,  संजीव शर्मा के निर्देशन में प्रतिभागियों द्वारा स्क्रिप्ट राइटिंग पर चर्चा प्रारंभ की गई, जिसमें प्रतिभागियों द्वारा अलग-अलग समूहों में स्क्रिप्ट तैयार करने हेतु विषय का चयन और स्क्रिप्ट के अंदर किस प्रकार पात्रों का चयन आदि पर विस्तृत चर्चा करते हुए प्रभावशाली स्क्रिप्ट बुनने का तरीका बताया।
कार्यशाला के अंतिम सत्र में श्रीमति छाया सक्सेना एवं  वीरेन्द्र नागवंशी द्वारा ग्लब्स पपेट एवं रोड पपेट के बारे में प्रारंभिक जानकारी दी गई। अंतिम सत्र की अध्यक्षता श्रीमती रिचा रोहिरा ने की।

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