भंवरे की तरह टैक्स संग्रहण भी होगा और करदाता को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी : ब्रजेन्द्र सिंह राठौर

 वाणिज्यिक कर मंत्री एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री के सानिध्य में जीएसटी एवं कलेक्टर गाइडलाइन पर संवाद सम्पन्न
ग्वालियर| म.प्र. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्बारा जीएसटी एवं कलेक्टर गाइडलाइन पर संवाद का आयोजन वाणिज्यिक कर मंत्री- बृजेन्द्र सिंह राठौर एवं  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री, म.प्र. शासन  प्रद्युम्न सिंह तोमर के सानिध्य में प्रात: ११.०० बजे से ‘चेम्बर भवन’ में किया गया|
कार्यक्रम के प्रारंभ में चेम्बर पदाधिकारियों द्बारा अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया गया| कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उपाध्यक्ष-पारस जैन ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि हमारे विनम्र आग्रह पर पधारने पर हम अतिथिद्बय का हार्दिक स्वागत करते हैं| हम आशा करते हैं जीएसटी एवं कलेक्टर गाइड लाइन पर जो कठिनाईयां एवं सुझाव हम आपके समक्ष रखेंगे, उनका निश्‍चित ही उचित निराकरण आप करेंगे|
बैठक का संचालन कर रहे मानसेवी सचिव-डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने चेम्बर द्बारा तैयार किए गए ज्ञापन के निम्नलिखित बिन्दुओं को  मंत्रीद्बय के समक्ष रखा:-
* जीएसटी में मिसमेच की समस्या को दूर किया जाए |
* उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक्साइज ड्यूटी और वेट की तरह सब्सिडी/छूट दी जाए |
* ई-वे बिल में आ रही समस्या को दूर किया जाए|
* वार्षिक रिटर्न में आ रही परेशानी को दूर किया जाए|
* वृत्ति कर को समाप्त किया जाए |
* नए जीएसटी रिटर्न |
* वाहनों को चैंकिंग के दौरान रोके जाने पर कई बार होने वाली अनावश्यक परेशानी से निजात दिलाई जाए |
* कई बार छोटी-छोटी गल्तियों के कारण भी गाड़ी को रोक लिया जाता है और कई-कई दिन व्यापारियों को परेसान किया जाता है |
* कृषि के काम में आने वाले उपकरणों पर जीएसटी से छूट है, जबकि उनकी मरम्मत पर जीएसटी लगाया जाता है| अतएव कृषि उपकरणों की मरम्मत पर भी जीएसटी से छूट प्रदान की जाए|
डॉ. प्रवीण अग्रवाल द्बारा प्रदेश सरकार द्बारा गाइडलाइन में २० प्रतिशत कमी किए जाने के निर्णय का स्वागत किया तथा इसके साथ ही, परिवार विभाजन में स्टाम्प शुल्क कम किए जाने जैसे आमजन के हित वाले मंत्रि परिषद के निर्णयों को भी सराहा| इसके साथ ही कलेक्टर गाइड लाइन को सुसंगत बनाए जाने के संबंध में शहर के व्यवसाई, बिल्डर्स एवं विषय विशेषज्ञ के साथ चर्चा कर, तैयार किए गये सुझावों पर भी मंत्री  का ध्यान आकर्षित कराया तथा कहा कि यदि सरकार द्बारा चेम्बर द्बारा सुझाये गये सुझावों को मान लेती है तो न केवल ग्वालियर के अपितु पूरे प्रदेश के नागरिकों को इसका लाभ प्राप्त होगा और कलेक्टर गाइड लाइन को युक्तियुक्त किए जाने से निश्‍चित तौर पर सरकार के राजस्व में भी आशातीत वृद्घि होगी|
इस अवसर पर चेम्बर ने कलेक्टर गाइडलाइन पर १५ बिन्दुओं पर ज्ञापन सौंपा|
मानसेवी सचिव-डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि माननीय वाणिज्यिक कर मंत्री-श्री बृजेन्द्र सिंह जी का ग्वालियर से विशेष नाता है और आपकी यहां ससुराल है और इस नाते वे ग्वालियर के दामाद हैं| उम्मीद है कि वह ग्वालियर का विशेष ख्याल रखेंगे और हमारे द्बारा ग्वालियर के व्यापार एवं उद्योग के साथ ही आमजन को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर जो ज्ञापन सौंपा है, उस पर वह निश्‍चित ही कार्यवाही करेंगे|
इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री- प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आप सबके आशीर्वाद से आज मैं इस पद पर पहुंचा हूं शहर के व्यापार-उद्योग तथा चहुंमुखी विकास के लिए मैं आपके साथ हमेशा खड़ा रहूंगा| आपने कहा कि म.प्र. के गठन के समय ग्वालियर चारों महानगर में औद्योगिक विकास के मामले में पहले नम्बर पर था परंतु हम इस विकास में पिछड़ गये हैं| माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हम सब मिलकर ग्वालियर के औद्योगिक विकास को फिर शीर्ष पर पहुंचायेंगे, ऐसी मैं उम्मीद करता हूं| वाणिज्यिक कर मंत्री से कहा कि चेम्बर ने जो ज्ञापन तैयार किया है वह जमीनी स्तर पर अध्ययन करके विषय विशेषज्ञों के साथ मिलकर तैयार किया है और यह जनमानस की आवाज है| चेम्बर से आव्हान किया कि ग्वालियर को व्यापार एवं औद्योगिक विकास की दृष्टि से प्रथम पंक्ति में लाने के लिए चेम्बर अगुवाई करे ताकि हमारी आने वाली पीढी खुशहाल हो सके| मैं चेम्बर के साथ हमेशा खड़ा रहूंगा|
इस अवसर पर वाणिज्यिक कर मंत्री- बृजेन्द्र सिंह राठौर ने कहा कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश के विकास एवं आमजन की समस्याओं को दूर करने के लिए संकल्पित है| मुख्यमंत्री  कृषि एवं उद्योग को आगे बढाना चाहते हैं ताकि प्रदेश के विकास में तेजी आ सके| आपने कहा कि वित्त शासन का ईंधन है, इसके बिना कार्य नहीं चल सकता है| इसलिए ही सरकार द्बारा कर लगाया जाता है| आपने उदाहरण देकर बताया कि जिस प्रकार एक भंवरा फूलों से रस को तो चूसता है परंतु फूल की पंखुड़ियों को हानि नहीं पहुंचने देता है| हमारी सरकार का भी यही उद्देश्य है कि हम कर संग्रहण  करें परंतु करदाता को कोई परेशानी न हो| आपने कहा कि ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, इनका अध्ययन करने पर ही कुछ कहा जा सकता है| जीएसटी को केन्द्र सरकार द्बारा जल्दबाजी में लागू किया गया है, इसलिए हमें परेशानियां आरही है| प्रति माह जीएसटी काउंसिल की बैठक होती है, जिसमें समय-समय पर जीएसटी में सुधार किए जा रहे हैं| जीएसटी के केन्द्र संबंधी मुद्दों को जीएसटी काउंसिल के समक्ष प्रभावी रूप से रखकर समाधान कराया जाएगा| म.प्र. सरकार के स्तर के जो बिन्दु हैं उन पर पूरी ईमानदारी के साथ कार्यवाही की जाएगी| हमारी मंशा को इस बात से समझ सकते हैं कि म.प्र. सरकार पर २ लाख करोड़ का कर्ज पिछली सरकार द्बारा छोड़ा गया है| इस प्रतिकूल परिस्थिति में भी हमने कलेक्टर गाइडलाइन में २०% कमी करने का साहस भरा निर्णय लिया है| हमें रियल एस्टेट व उद्योग जगत का ख्याल रखते हुए हुए यह रिस्क लिया है| आज हम संवाद कर रहे हैं और संवाद खुले दिल से होने पर ही निष्कर्ष निकलता है| सरकार के राजस्व में बढोत्तरी होते ही आर्थिक हालत सुधरेंगे और उसके अनुसार ही हम जनहित, व्यापार एवं उद्योग के हित में निर्णय लेते जाएंगे| चेम्बर इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाए, प्रदेश सरकार आपके साथ कदम मिलाने को तत्पर है| आपने कहा कि हमारा रिश्ता अब दल का नहीं दिल का हो गया है| अब मैं शहर का दामाद हूं तो आप यह जान लीजिए कि ससुराल से प्यारा कुछ होता नहीं है| आपने कहा कि ईमानदारी से कर चुकाने वाले करदाताओं का हम भोपाल में  सम्मान करेंगे परंतु गड़बड़ी करने पर हमें सख्ती भी दिखाना पड़ेगी परंतु प्रयास यह होगा कि भंवरे की तरह कर संग्रहण हो पर पंखुड़ी न टूटे| आपने वाणिज्यिक कर विभाग व पंजीयन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आज की बैठक में जो बिन्दु रखे गये हैं, उनमें जो स्थानीय स्तर पर निपट सकते हों, उनका नोट बनाकर उन्हें दूर करें और हमें सूचित करें| राज्य शासन के स्तर के बिन्दुओं पर हम कार्यवाही करेंगे|
कार्यक्रम के अंत में संवाद के दौरान उपाध्यक्ष-पारस जैन ने कहा कि करदाता को जो सम्मान करने की बात कही गई है, वह सम्मान स्थायी होना चाहिए आप व्यापारियों को उनके द्बारा चुकाये गये कर के अनुपात में पेंशन देकर यह कर सकते हैं| इस पर मंत्री महोदय द्बारा अध्ययन करके निर्णय लेने की बात कही|
पूर्व अध्यक्ष-डॉ. वीरेन्द्र कुमार गंगवाल ने कहा कि प्रदेश के तीनों महानगरों को छोड़कर केवल ग्वालियर में  सर्टिफिकेट नहीं दिये जा रहे हैं, जिसके कारण जीएसटी काउंसिल द्बारा जो राहत उपभोक्ता को दी जा रही है, उसका लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है और शासन को भी राजस्व की हानि हो रही है| इसे दूर किया जाना चाहिए|
के्रडाई के अध्यक्ष- अतुल अग्रवाल द्बारा रजिस्ट्रेशन शुल्क में वृद्घि किए जाने पर कहा कि इससे मात्र कुछ प्रतिशत लोग ही प्रभावित होंगे परंतु इससे संदेश यह जा रहा है कि यहां सबसे ज्यादा टैक्स है| कर सलाहकार संघ के उपाध्यक्ष- अनिल अग्रवाल ने जीएसटी पोर्टल की समस्याओं को रखा तथा कहा कि इसके ठीक से कार्य न करने पर ही करदाता को अनावश्यक पैनाल्टी चुकाना पड़ती है|
कलेक्टर गाइडलाइन पर  सुदर्शन झंवर ने कहा कि सरकार ने कलेक्टर गाइडलाइन में कमी करके अधिकारियों के इस मिथक को तोड़ दिया है कि इसमें कमी नही हो सकती है| आपने कहा कि चेम्बर द्बारा कलेक्टर गाइइडलाइन पर चार्ट आपको सौंपा गया है और कलेक्टर गाइडलाइन की जो विसंगतियां हैं उनको सरकार दूर कर दे तो हम यह दावे से कह सकते हैं कि सरकार को ५ गुना राजस्व प्राप्त होगा|
 शरद अग्रवाल ने कहा कि स्टाम्प ड्यूटी में वृद्घि का निर्णय वापिस लिया जाना चाहिए यह प्रदेश में पहले से ही अधिक है|
 गौरव जैन ने कहा कि कलेक्टर गाइडलाइन व सम्पत्ति के बाजार मूल्य में ३-६ गुना का अंतर है| यदि गाइडलाइन समिति में  चेम्बर, के्रडाई व सम्पत्ति वेल्यूर्स को शामिल करें तो यह अंतर दूर हो सकेगा|
 दुष्यंत साहनी ने कहा कि ग्वालियर में इण्डस्ट्रियल हब बनाया जाए जैसा कि हिमाचल में बनाया गया है और इस हब को ५ साल तक करों में छूट दी जाए| तो १०-१५ वर्षो के अंतर पर जो रेवेन्यू सरकार को प्राप्त होगा उससे न केवल हमारा ग्वालियर बल्कि प्रदेश भी खुशहाल होगा|
 अशोक शर्मा द्बारा गोसपुरा व तानसेन नगर जो कि एक ही क्षेत्र में है उनकी गाइडलाइन अलग-अलग होने की विसंगति पर ध्यान आकर्षित कराया तथा ऐसी विसंगतियों को गाइडलाइन से दूर करने की बातकही|
 पारस जैन द्बारा ट्रेडर्स के लिए खासतौर से जीएसटी में पंजीकृत व्यवसाईयों के लिए सब्सिडाइज मार्केट निर्मित किए जाने का सुझाव दिया|
संवाद के अंत में पदाधिकारियों द्बारा अतिथिद्बय को स्मृति चिन्ह भेंट किए गये| आभार कोषाध्यक्ष-वसंत अग्रवाल द्बारा व्यक्त किया गया| कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों सहित काफी संख्या में व्यापारी एवं उद्योगपति उपस्थित थे|

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