कांग्रेस रिंकू मावई मोहरा बने , पहले निलंबन , फिर निलंबन रदद अब फिर निलंबन

कांग्रेस में एक गुट विशेष के समर्थकों के दबाब में इन दिनों कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के निलंबन और निलंबन रदद करने का खेल चल रहा है। इसके चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं में लोकसभा में हुई करारी हार के बाद भी एकजुटता की बातें हवा में उड़ी दिखाई दे रहीं हैं।
हाल ही में संपन्न हुये लोकसभा चुनावों में मुरैना के एक नेता प्रबल प्रताप मावई उर्फ रिंकू ने ग्वालियर -चंबल अंचल के एक कददावर नेता के खिलाफ कडी टिप्पणी की थी। उसके बाद कुछ समर्थकों द्वारा रिंकू मावई के खिलाफ मोर्चा खोला और रिंकू को प्रदेश कांग्रेस ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उधर गत दिनों रिंकू मावई का निलंबन प्रदेश कांग्रेस ने रदद कर दिया। इसकी जानकारी ग्वालियर-चंबल अंचल के कददावर नेता के समर्थंकों को लगी वैसे ही उन्होंने रिंकू का फिर से विरोध करना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रदेश उपाध्यक्ष चन्द्रप्रभाष शेखर ने रिंकू मावई का छह साल के लिये निलंबन को फिर से रदद कर दिया।
लेकिन यह खबर जैसे ही श्रीमंत समर्थकों व उनके सिपहसालारों को लगी तो वह फिर रिंकू मावई के खिलाफ एकजुट हो गये । जैसे ही यह विरोध संगठन प्रमुखों तक पहुंचा, तो उन्होंने अब फिर रिंकू मावई का निलंबन कांग्रेस से छह साल के लिये कर दिया है।
अब यह कि निलंबन का खेल देखकर कांग्रेसी हैरान है। गुर्जर समाज के नेता रिंकू मावई के समर्थक गुर्जर भी इस निलंबन से नाराज हैं।
दरबारीलाल…………….

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