दो अप्रैल बरसी : प्रशासन इंटरनेट सेवाओं पर लगा सकता है प्रतिबंध

ग्वालियर। ग्वालियर में गत वर्ष २०१८ में दो अप्रैल के दिन हुई घटना को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन सतर्कता बनाये हुये हैं। वहीं जिला प्रशासन जहां अफवाह फैलाने वालों से सावधान करते हुए इंटरनेट सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।
जिला कलेक्टर अविनाश चौधरी , नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन और पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने आज पत्रकारों से बात चीत में कहा कि सभी वर्ग के लोगों को ध्यान रखना चाहिये कि कोई भी अफवाह फैलाये तो उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने बताया कि महानगर में दो अप्रैल को होने वाले सभी वर्गों के कार्यक्रमों की अनुमति निरस्त कर दी गई है। वहीं लोकसभा चुनाव के चलते निषेधाज्ञा लागू है। इसी के साथ कुछ इनपुट के आधार पर एससी एसटी वर्ग के सभी संगठनों उनके प्रभावशाली लोगों से बात कर समझाइश दे दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी असमाजिक संगठन या तत्व ने कुछ अप्रिय करने का प्रयास किया तो प्रशासन कडी कार्रवाई करने से हिचकिचायेगा नहीं। पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने कहा कि ठाठीपुर थाना क्षेत्र को संवेदनशील जोन बनाकर एक कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। वहीं सादा कपडों में तथा बर्दी में पुलिस बल लगातार चैकिंग कर रहा है। साथ ही सीआरपीएफ और एसएएफ का बल भी तैनात कर दिया गया है। इसी प्रकार डबरा भितरवार कस्बों में भी सभी लोगों से बात चीत कर पुलिस ने अपनी व्यवस्थाओं को चाक चौबंद कर लिया है। वहीं वाटसएप , फेसबुक आदि पर भी कडी निगाह रखी जा रही है। वहीं होटलों , धर्मशालाओं , घरों में भी रहने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है। कलेक्टर अविनाश चौधरी ने कहा कि महानगर की शांति एवं सदभाव को बिगाडने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होने कहा कि अभी तक २५० लोगों के खिलाफ ११० धारा के तहत कार्रवाई की है। इस लोगों का भी परीक्षण किया जा रहा है। इन लोगों ने यदि कोई आपराधिक कृत्य किया होगा तो ऐसे लोगों के विरूद्ध जिला बदर तक की कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि वह इंटरनेट सेवाओं पर भी एक दो दिन रोक लगाने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो इंटरनेट सेवाएं बंद नहीं की जायेंगी। वहीं किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक स्थल पर प्रतिमा आदि लगाने पर कडी कार्रवाई की जायेगी।
ज्ञातव्य है कि गत वर्ष दो अप्रैल २०१८ में एससी एसटी वर्ग के लोगों ने उत्पात मचाया था हालांकि इसे आरक्षण खत्म करने की अफवाह के तहत उत्पात मचाया था। उस समय प्रशासन ने इस आंदोलन को हल्के में लिया था और अप्रिय घटनायें घट गई थीं। इस वर्ष प्रशासन पुलिस प्रशासन पहले से सतर्कता बनाये हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *