आईटीएम में मनाया बांग्लादेश का स्वतंत्रता दिवस

ग्वालियर । बंगाल की खाड़ी पर स्थित दक्षिण एशियाई राष्ट्र और इसके साथ बहने वाली लगभग 700 नदियों वाला एक डेल्टा देश! 1971 में इस दिन, शेख मुजीबुर रहमान, जिसे अक्सर बंगबंधु (जिसका अनुवाद “बंगाल का दोस्त”) कहा जाता है, ने एक घोषणा पर हस्ताक्षर किया, जिसने पूर्व पूर्वी पाकिस्तान को अपनी अनूठी भाषा और संस्कृति के साथ बांग्लादेश का संप्रभु और स्वतंत्र देश बना दिया। यह संस्थापक दस्तावेज बंगबंधु के ऐतिहासिक भाषण के बाद, 7 मार्च को दिया गया। बांग्लादेश में एक सार्वजनिक अवकाश, स्वतंत्रता दिवस परेड, मेलों और संगीत कार्यक्रमों के साथ-साथ देशभक्ति भाषणों के साथ मनाया जाता है। एक उत्सव की भावना राजधानी ढाका में भरती है, जहां बांग्लादेश का झंडा गर्व से उड़ता है, और कई सरकारी इमारतों को राष्ट्रीय रंगों के साथ जलाया जाता हैः हरा और लाल। हरे रंग में बांग्लादेश के प्रचुर वनस्पतियों और राष्ट्र के युवाओं की क्षमता का प्रतीक है जबकि ध्वज के बीच में लाल वृत्त अपेक्षाकृत नए और विकासशील देश में उगते हुए सूरज का प्रतिनिधित्व करता है।’’
कुछ ऐसे ही रोचक इतिहास की जानकारी दे रहे थे आईटीएम यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले बांग्लादेशी स्टूडेंट्स, जो अपने देश के 48वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रजेंटेशन दे रहे थे। आईटीएम में इस दिन को उत्सव के रूप में मनाया गया। शुरूआत में आईटीएम के जेसी बॉस ब्लॉक में बांग्लादेश के झंडावंदन के साथ राष्ट्रगीत भी गाया गया। इसके बाद देश का प्रतिनिधित्व कर रहे स्टूडेंट्स ने वहां की सांस्कृतिक, भौगौलिक व अन्य विशेषताएं बताईं। इसके बाद मौका था सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का, इसके अंतर्गत स्टूडेंट्स ने विभिन्न प्रस्तुतियां दी। स्टूडेंट अनांदिता दास ने आकर्षक सेमी क्लासिकल डांस परफॉर्मेंस दी। नबी व प्रियानी ने देशभक्ति पर आधारित सांग सुनाया। वहीं अनीक एंड ग्रुप ने ’सेल्यूट’ डांस परफॉर्मेंस दी। नाबिल एंड ग्रुप ने भी शानदार सांग परफॉर्मेंस दी। आखिर में केक काटकर सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी।

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